Strait of Hormuz में अमेरिकी कार्रवाई, 75 कमर्शियल जहाजों को किया गया डायवर्ट.

Aanya27 August 20262 min read51 viewsWorld
Strait of Hormuz में अमेरिकी कार्रवाई, 75 कमर्शियल जहाजों को किया गया डायवर्ट.

होरमुज जलडमरूमध्य में समुद्री तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अमेरिका तथा ईरान के बीच गतिरोध गहराता जा रहा है। 27 अगस्त 2026 को यू.एस. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रिपोर्ट दी कि अमेरिकी बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस जलमार्ग से गुजरने वाले 75 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया है। इसके अलावा तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया और दो जहाजों पर बोर्डिंग की गई। ये सभी कदम ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी को सख्ती से लागू करने के बड़े प्रयास का हिस्सा हैं।

व्हाइट हाउस और ईरानी प्रतिक्रिया

22 अगस्त 2026 को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस बात की पुष्टि की थी कि अमेरिका इस जलमार्ग पर पूरी तरह से नियंत्रण बनाए हुए है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रम्प और अमेरिकी सेना के प्रयासों की वजह से यह जलमार्ग अभी भी खुला हुआ है। मई की शुरुआत से लेकर अब तक, CENTCOM ने लगभग 1,300 कमर्शियल जहाजों की सहायता की है, जिससे 660 मिलियन बैरल से अधिक कच्चे तेल का परिवहन सुरक्षित रूप से संभव हो पाया है। दूसरी ओर, ईरान ने अपनी नई फारस खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (PGSA) के माध्यम से 24 अगस्त 2026 को एक कड़ी चेतावनी जारी की थी। इस चेतावनी में कहा गया था कि जो भी जहाज ईरान के ट्रांजिट नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा, उसे हिरासत में लिया जाएगा या फिर जब्त कर लिया जाएगा। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का साफ कहना है कि जब तक अमेरिका अपने व्यवहार में सुधार नहीं करता और ईरान पर युद्ध समाप्त करने तथा युद्ध के नुकसान का मुआवजा देने की मांग नहीं मानता, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा।

बातचीत की स्थिति और तेल का परिवहन

ईरानी सुरक्षा अधिकारी मेजर जनरल रजाई ने इस रास्ते को फिर से पूरी तरह खोलने के लिए कुल छह शर्तें रखी हैं, जिसमें अमेरिकी सेना की वापसी, नौसेना की नाकाबंदी को हटाना और विदेशों में जमे ईरानी फंड को जारी करना शामिल है। हाउस ऑफ कॉमन्स लाइब्रेरी की 27 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इस संघर्ष को सुलझाने के लिए फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी प्रकार की औपचारिक बातचीत नहीं चल रही है। हालांकि दोनों देश अपनी-अपनी तरफ से नाकाबंदी का दावा कर रहे हैं, फिर भी कुछ सीमित संख्या में जहाज अभी भी इस इलाके से आ-जा रहे हैं। इसके अलावा, ईरान और ओमान के बीच इस जलमार्ग के संयुक्त प्रबंधन को लेकर बातचीत चल रही है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनल गार्ड कॉर्प्स ने 26 अगस्त 2026 को घोषणा की थी कि इस मामले में एक समझौता हो चुका है। कुल मिलाकर समुद्री मोर्चे पर तनाव भले ही चरम पर है, लेकिन TotalEnergies के सीईओ ने 27 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि कच्चा तेल अभी भी चुपचाप इस जलमार्ग से होकर आगे बढ़ रहा है।

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