Strait of Hormuz में बड़ा हमला, ईरानी जहाज पर मिसाइल गिरने से लगी आग और एक की मौत.

हार्मूज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz के पास एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां शुरुआती रविवार 13 सितंबर 2026 को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल जैसी वस्तु के टकराने से ईरानी मर्चेंट वेसल में भयानक आग लग गई। इस घटना के बाद से समुद्री इलाकों में सुरक्षा और तनाव का माहौल काफी बढ़ गया है, जिससे खाड़ी देशों में यात्रा करने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता की स्थिति बन गई है।
घटना की पूरी जानकारी और आधिकारिक पुष्टि
यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने सबसे पहले इस घटना की जानकारी 12 सितंबर 2026 को रात 23:00 UTC पर दी थी। यह हमला 13 सितंबर को सुबह लगभग 5:00 बजे (0130 GMT) हेंगं और केशम द्वीपों के तटीय इलाके के पास हुआ। केशम सिटी के गवर्नर Amir Teymouri ने सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के हवाले से बताया कि इस हमले में जहाज पर मौजूद 100 लोगों या कुल क्रू में से 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 3 से 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गवर्नर तेमूरी ने इस पूरी घटना को एक आतंकी दुश्मन का कृत्य करार दिया है।
हमले के तुरंत बाद स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चालक दल के बाकी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद UKMTO ने अपनी रिपोर्ट Attack UKMTO #121 में इस बात की पुष्टि की कि जहाज पर लगी आग को सफलतापूर्वक बुझा लिया गया है और पर्यावरण को इससे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। जहाज पर मौजूद बाकी सभी जीवित क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी गिनती पूरी कर ली गई है।
क्षेत्रीय तनाव और राजनीतिक बयानबाजी
इस ताजा हमले के बाद से क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस इलाके से गुजरने वाले सभी कमर्शियल जहाजों को पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है और मामले की जांच लगातार जारी है। इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका को सीधा संदेश दिया और कहा कि हमारे लोग दबाव में झुकने वाले नहीं हैं और ईरान कभी सरेंडर नहीं करेगा। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी सेना की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब खाड़ी देशों में पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ है। कुछ समय पहले सऊदी अरब की ईस्ट-पश्चिम पाइपलाइन पर ड्रोन हमला हुआ था, जिसे रियाद और बगदाद के अधिकारियों ने इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया से जोड़ा था। इस घटना के ठीक एक दिन बाद ओमान में एक अहम बैठक तय की गई है, जिसमें ईरान और खाड़ी देशों के बीच हार्मोन जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात के प्रबंधन को लेकर चर्चा होनी है। इस अहम जलमार्ग को फिर से पूरी तरह खोलने के लिए ईरान ने सात शर्तें रखी हैं, जिसमें इसके नियंत्रण को औपचारिक मान्यता देना और ट्रांजिट फीस वसूलने की अनुमति मांगना शामिल है। वर्तमान में इस रास्ते से होने वाला समुद्री व्यापार यूएई और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से पहले की तुलना में काफी कम हो गया है।