Strait of Hormuz में सुरक्षा तनाव के बीच कमर्शियल जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट, सिर्फ 7 वेसल निकले पार.

क्षेत्रीय सुरक्षा तनाव और गंभीर संकट के बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की संख्या में बहुत बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को सामने आए शुरुआती शिपिंग डेटा के अनुसार, गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को केवल 7 कमर्शियल वेसल ही इस जलडमरूमध्य को पार कर पाए। यह आंकड़ा इसके पिछले दिन दर्ज किए गए 17 जहाजों के मुकाबले काफी कम है और पिछले 10 दिनों के औसत 15 जहाजों से भी बहुत नीचे चल रहा है।
Kpler डेटा और जहाजों की स्थिति
Kpler के 03:15 GMT तक के डेटा के मुताबिक, जो बेड़ा इस दौरान वहां से निकला, उसमें दो मीडियम-रेंज टैंकर, एक बहुत बड़ा गैस कैरियर, एक अल्ट्रामैक्स वेसल, एक इंटरमीडिएट टैंकर और दो केमिकल टैंकर शामिल थे। इनमें से चार जहाज जलडमरूमध्य से बाहर निकल रहे थे और तीन अंदर प्रवेश कर रहे थे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि ये आंकड़े अभी शुरुआती हैं और इनमें बदलाव हो सकता है, क्योंकि अक्सर यात्रा के दौरान जहाज अपनी पहचान छुपाने के लिए अपने ट्रांसपोंडर बंद कर लेते हैं।
सुरक्षा चिंताएं और UKMTO की रिपोर्ट
क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बनी हुई हैं। गुरुवार को यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यानी UKMTO की तरफ से एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें पुष्टि की गई कि एक ऑयल टैंकर अज्ञात प्रोजेक्टाइल यानी गोले की चपेट में आ गया था। इस हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी, जिसे बाद में बुझा लिया गया। गनीमत यह रही कि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित बताए गए और पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा।
US Central Command की कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के कमांडर एडमिरल Brad Cooper ने गुरुवार को जानकारी दी कि अमेरिकी बलों ने नौवहन मार्गों यानी शिपिंग लेन से समुद्री बारूदी सुरंगों को साफ कर दिया है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने अब तक लगभग 1,500 कमर्शियल जहाजों की मदद की है। इसके अलावा, अमेरिकी सेना ने नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे लगभग 75 जहाजों को रोका है और आदेशों का पालन न करने वाले तीन जहाजों को निष्क्रिय भी कर दिया है।
कूटनीतिक प्रयास और ईरान की मांग
इस पूरे संकट को हल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी लगातार जारी हैं। कतर और पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं। कतर के विदेश मंत्री इस मामले को लेकर गुरुवार को तेहरान पहुंचे, जहां उन्होंने उच्च स्तरीय चर्चाएं कीं। इन चर्चाओं में ईरानी और ओमानी पानी के रास्ते एक अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर बनाने के प्रस्ताव भी शामिल हैं। वहीं, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने कहा कि ईरान इस जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए शर्तें तैयार कर रहा है और उनकी सबसे मुख्य मांग क्षेत्रीय संघर्ष को खत्म करने की है। इसके अलावा, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के प्रवक्ता ने बुधवार को फिर दोहराया कि ईरान चाहता है कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकाबंदी हटा ले, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा दे और सभी प्रतिबंधों को पूरी तरह से वापस ले। यह सारी घटनाएं ऐसे समय में हो रही हैं जब अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को बनाए हुए है और तेहरान के खिलाफ अपना इकोनॉमी डी-डे प्रतिबंध अभियान जारी रखे हुए है।