सिडनी मैराथन में इस्रायली सैनिकों की एंट्री पर हंगामा, प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांगा जवाब.

रविवार, 30 अगस्त 2026 को आयोजित टीसीएस सिडनी मैराथन के दौरान उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब रास्ते में सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हो गए। इन लोगों ने मैराथन में करीब 40 वर्तमान और पूर्व इस्रायली सैनिकों के हिस्सा लेने का कड़ा विरोध किया। इस दल में इस्रायली सेना की गोलानी ब्रिगेड और सिग्नल इंटेलिजेंस यूनिट 8200 के लोग शामिल थे, जो शांति प्रतिनिधिमंडल के रूप में देश में आए थे।
वीज़ा और युद्ध अपराधों की जांच की मांग
प्रदर्शनी में शामिल लोगों का कहना था कि इन सैनिकों को ज़ायनिस्ट काउंसिल ऑफ एनएसडब्ल्यू और एआईजेएसी का समर्थन मिला हुआ था। प्रदर्शनकारियों में रॉय ओरयोन नाम का एक शख्स भी पहचाना गया, जो गोलानी ब्रिगेड की 13वीं बटालियन में डिप्टी कंपनी कमांडर है। इस बटालियन पर गाजा और दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियानों से जुड़े होने के आरोप हैं। फिलिस्तीन के समर्थन में उतरे संगठनों जैसे स्टॉप द वॉर ऑन फिलिस्तीन, ज्यूस अगेंस्ट द ऑक्यूपेशन '48 और पलिस्तीन एक्शन ग्रुप सिडनी ने ऑस्ट्रेलियन सरकार से इन लोगों के देश में आने पर स्पष्टीकरण मांगा है।
ऑस्ट्रेलियन काउंसिल फॉर इंटरनेशनल जस्टिस और एपीएएन जैसे संगठनों ने उन इस्रायली नागरिकों के वीज़ा की कड़ी जांच की मांग की है जिन्होंने गाजा, वेस्ट बैंक या लेबनान में अपनी सेवाएं दी हैं। संयुक्त राष्ट्र आयोग के सदस्य और मानवाधिकार वकील क्रिस सिडोटि ने ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस से पूर्व सैनिकों से पूछताछ करने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष रूप से गोलानी ब्रिगेड का जिक्र किया जिस पर युद्ध अपराधों के गंभीर आरोप हैं।
विभाग का आधिकारिक बयान
बॉयकॉट, डिवेस्टमेंट एंड सैंक्शंस आंदोलन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संदिग्ध युद्ध अपराध करने वालों की जांच करना ऑस्ट्रेलिया की कानूनी जिम्मेदारी है। इस मामले में जब सार्वजनिक तौर पर सवाल पूछे गए, तो ऑस्ट्रेलियन डिपार्टमेंट ऑफ होम Affairs ने कहा कि निजता के नियमों के कारण वह किसी भी व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी नहीं कर सकते। हालांकि विभाग ने यह स्पष्ट किया कि सभी गैर-नागरिकों को देश में आने से पहले पहचान, स्वास्थ्य, चरित्र और सुरक्षा से जुड़ी जांच प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। तमाम विरोध प्रदर्शनों और हंगामे के बीच यह मैराथन अपने तय समय पर बिना किसी रुकावट के पूरी हुई।