सीरिया के Roj Camp में फंसे 2300 से ज्यादा लोग, भविष्य पर मंडराया बड़ा खतरा.

सीरिया के रोझ कैंप में आईएसआईएस (ISIL) संदिग्धों के परिवारों से जुड़े 2300 से अधिक महिलाएं और बच्चे बेहद अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। सीरियाई सरकार ने इस कैंप को बंद करने की अपनी मंशा साफ कर दी है, लेकिन मानवाधिकार संगठनों ने इस जगह को एक बड़ा खतरा करार दिया है। कैंप में रहने वाले लोग बिना किसी औपचारिक आरोप के ट्रॉमा और बिना नागरिकता के जीवन बिताने को मजबूर हैं।
कैंप की मौजूदा स्थिति और बच्चों की संख्या
इस कैंप की स्थिति सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) के आधिकारिक रूप से खत्म होने के बाद और गंभीर हो गई है। दिसंबर 2025 तक इस कैंप में 2,324 लोग रह रहे थे, जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत आबादी केवल बच्चों की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (UN) की टीम ने जुलाई 2026 में इस कैंप का दौरा किया था और यहां की डिटेंशन कंडीशंस को लेकर कड़ी चिंता जताई थी। कैंप में महिलाओं द्वारा बेहतर इलाज और सुविधाओं की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन के बाद पिछले साल अगस्त महीने में गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई थीं.
सरकार का फैसला और अंतरराष्ट्रीय रुख
सीरियाई सरकार ने पहले ही अल-होल और रोझ कैंप को बंद करने का ऐलान किया था। अल-होल कैंप को फरवरी 2026 तक खाली करवा लिया गया था, लेकिन रोझ कैंप अभी भी चालू हालत में है। अमेरिका ने अप्रैल 2026 में सीरिया से अपनी सैन्य उपस्थिति पूरी तरह समाप्त कर ली थी और विदेशी नागरिकों को उनके अपने देशों में वापस भेजने यानी रिपैट्रिएशन को ही इस समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान बताया था। जानकारों का कहना है कि जब केंद्रीय सरकार के पास पूरी कमान आएगी, तो सुरक्षा को लेकर नए जोखिम पैदा हो सकते हैं।