सीरिया में खत्म हुआ SDF का वजूद, कुर्दिश अधिकारों और भविष्य को लेकर विश्लेषकों में छिड़ी नई बहस.

Aanya9 September 20263 min read38 viewsWorld
सीरिया में खत्म हुआ SDF का वजूद, कुर्दिश अधिकारों और भविष्य को लेकर विश्लेषकों में छिड़ी नई बहस.

सीरिया की राजनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव आया है, जहां कुर्दिश नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) को आधिकारिक तौर पर भंग कर दिया गया है। इस फोर्स का सीरियाई सरकारी सेना में पूरी तरह से विलय कर दिया गया है, जिसके बाद से कुर्दिश पहचान और राजनीतिक अधिकारों को लेकर एक जटिल बहस छिड़ गई है। यह बड़ा फैसला 25 अगस्त 2026 को लिया गया, जब SDF के कमांडर-इन-चीफ मज्लूम अब्दी ने दमिश्क स्थित राष्ट्रपति भवन में सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शारा के साथ बैठक के बाद इस एकीकरण का आधिकारिक ऐलान किया। इस कदम से उस प्रक्रिया को अंतिम रूप मिला जिसकी शुरुआत 18 जनवरी 2026 को हुई थी, जब दोनों पक्षों के बीच एक 14-सूत्रीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसका मुख्य उद्देश्य युद्धविराम लागू करना और सैन्य संघर्षों के कारण हुए भारी क्षेत्रीय नुकसान के बाद SDF को सरकारी संस्थानों में मिलाना था।

हथियारों का दौर खत्म और शांति की शुरुआत

कमांडर मज्लूम अब्दी, जिन्हें अब राष्ट्रपति का सलाहकार नियुक्त किया गया है, उन्होंने 25 अगस्त को बताया कि यह एकीकरण हथियारों के युग से निकलकर शांति के युग में प्रवेश करने जैसा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे कुर्दिश अधिकारों को संवैधानिक सुरक्षा मिलेगी और स्कूलों के पाठ्यक्रम में कुर्दिश भाषा को शामिल किया जाएगा। राष्ट्रपति अहमद अल-शारा ने भी इन सुरक्षा उपायों को बनाए रखने का पूरा वादा किया है। वर्तमान स्थिति यह है कि कई राज्यविहीन कुर्दों को उनकी नागरिकता वापस मिल चुकी है और कुर्दिश भाषा को एक राष्ट्रीय भाषा के रूप में मान्यता दे दी गई है, जिसके तहत स्कूलों में हफ्ते में तीन घंटे इसकी पढ़ाई की अनुमति दी गई है। हालांकि, जमीन पर इन सब चीजों को लागू करने का काम अभी भी बहुत बारीकी से परखा जा रहा है।

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अलग-अलग जानकारों की अपनी राय

इस पूरे विलय को लेकर लोगों और जानकारों की राय बहुत अलग-अलग है। हसाकाह के डिप्टी गवर्नर अहमद अल-हिलेली ने 4 सितंबर 2026 को बताया कि सैन्य और प्रशासनिक क्षेत्रों में बातचीत का दौर अब चीजों को जमीन पर लागू करने की तरफ बढ़ रहा है, जिससे इलाके में स्थिरता बेहतर हो रही है। इसके उलट, विश्लेषक मुतलू सिविरोग्लू ने इस विकास को सीरिया में कुर्दिश ताकत का एक कड़वा अंत बताया है। वहीं, क्रिस्टियन ब्रेकेल ने 1 सितंबर 2026 को यह बात कही कि भले ही लोगों को नागरिकता मिल गई हो, लेकिन व्यावहारिक रूप से स्वायत्तता अब खत्म हो चुकी है। डेमोक्रेटिक यूनियन पार्टी (PYD) की सह-अध्यक्ष परविन यूसुफ का यह मानना है कि नए सीरियाई संविधान के जरिए अधिकारों को सुरक्षित करने का यह प्रयास अभी भी जारी है।

अभी भी बने हुए हैं कई बड़े सवाल

तारीख 9 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार, अभी भी कई मामलों में अनिश्चितता बनी हुई है। इनमें मुख्य रूप से कुर्दों का लंबे समय तक राजनीतिक प्रतिनिधित्व, खास संवैधानिक सुरक्षा उपाय, सीमा चौकियों का प्रबंधन और हिरासत में लिए गए लोगों का मामला शामिल है। इसके अलावा, पूर्वी सीरिया के अरब कबीलों ने भी इस एकजुट ढांचे के भीतर कुर्दिश लोगों के जरूरत से ज्यादा प्रभाव को लेकर अपनी चिंताएं जताई हैं। इन तमाम तनावों के बीच, संयुक्त राष्ट्र सीरिया जांच आयोग ने 8 सितंबर 2026 को अपनी रिपोर्ट में बताया कि वह साल 2026 की शुरुआत में हुई झड़पों के दौरान सरकारी बलों और SDF दोनों द्वारा किए गए गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों की जांच कर रहा है।

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