
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए कतरी प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव घटाने के लिए कतरी प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा है। यह कोशिशें अमेरिका के समन्वय से की जा रही हैं।
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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव घटाने के लिए कतरी प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा है। यह कोशिशें अमेरिका के समन्वय से की जा रही हैं।

अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमले के विकल्प तैयार किए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सभी विकल्प खुले हैं।

ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका सैन्य धमकी या दबाव से ईरान को झुका नहीं सकता।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि ईरान के पास स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर वीटो पावर है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।

ईरान की वायु रक्षा सेना ने बंदर अब्बास के आसमान में अमेरिकी लुकास ड्रोन को मार गिराया। ईरान ने विदेशी सेनाओं को चेतावनी दी है।

ईरान ने आरोप लगाया है कि इजरायली सेना ने उसके विदेश मंत्रालय की लाइब्रेरी को निशाना बनाया है। क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरगची ने कहा कि युद्ध हो या न हो उनकी नीतियां नहीं बदलेंगी और अमेरिकी ठिकानों को तबाह करने का दावा किया।

ईरान की वायु रक्षा प्रणाली ने बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी लुकास ड्रोन को मार गिराया है। यह घटना अमेरिकी हमलोंों के बीच हुई है।

ईरान की सेना ने बंदर अब्बास में अमेरिकी लुकास ड्रोन को मार गिराया है। यह घटना अमेरिका द्वारा ईरान के कई प्रांतों पर हमले के बीच हुई है।

ईरान की वायु रक्षा सेना ने बंदर अब्बास के पास अमेरिकी सेना का 'लुकास' ड्रोन मार गिराया है। यह घटना ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान हुई।

अमेरिका और इजरायल द्वारा सैन्य हमले की खबरों के बाद ईरान के नागरिकों में डर है। तनाव के बीच राजनयिक कोशिशें जारी हैं।

तेहरान में रूसी दूतावास ने बुशेहर परमाणु संयंत्र से अपने विशेषज्ञों की निकासी की खबरों को फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई है, हालांकि उन्होंने बातचीत के रास्ते भी खुले रखे हैं।

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलने का प्रस्ताव देने की खबरों को झूठ बताया है।

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बीच ईरान ने अमेरिका के संभावित बमबारी अभियान के लिए तैयारी की है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

ईरान समेत 12 देशों ने संयुक्त राष्ट्र में परमाणु केंद्रों पर सैन्य हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।

अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने ईरान की साजिशों का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद सऊदी अरब और UAE समेत कई देशों से स्टाफ हटाया गया।

विदेश मामलों के विशेषज्ञ वाइल अववाद ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान को पूरी तरह नष्ट कर वहां शासन बदलना चाहता है।

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ दिल्ली में होने वाले 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनकी जगह प्रतिनिधिमंडल आएगा।

विदेश मामलों के विशेषज्ञ वाएल अववाद ने कहा कि अमेरिका अब तेल या परमाणु मुद्दों के बजाय ईरान में शासन परिवर्तन और उसके विनाश पर केंद्रित है।

ईरान के सैन्य कमांडर अली अब्दुल्लाही ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोतों को फारस की खाड़ी में दोबारा घुसने नहीं दिया जाएगा।

ईरान ने Strait of Hormuz पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है, जबकि अमेरिका ने ईरान पर हमले की संभावना जताई है।

अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने चेतावनी दी है कि ईरान अमेरिकी राजनयिकों के खिलाफ घातक साजिश रच रहा है। सऊदी अरब से गैर-जरूरी स्टाफ हटाया गया।

तुर्किये में अमेरिकी राजदूत टॉम बैरक ने इस वीकेंड ईरान पर हमले की संभावना जताई है, हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने इससे दूरी बना ली है।