Taiz Airstrikes: ताइज़ में हूती ठिकानों पर सऊदी गठबंधन का बड़ा हमला, 50 से ज्यादा हवाई हमले हुए कंफर्म

सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के Taiz और अल-वाज़ियाह (Al-Wazi'iyah) जिलों में हूती विद्रोहियों के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को बहुत तेज़ कर दिया है। 9 सितंबर 2026 को सऊदी समाचार आउटलेट @SaudiNews50 की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हनया (Al-Hanaya) क्षेत्र में हूती reinforcements को निशाना बनाकर एक बड़ा airstrike किया गया। इस सैन्य कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और आम लोगों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं जो खाड़ी देशों में काम कर रहे प्रवासियों के परिवारों से जुड़ी हैं।
रात भर में हुए दर्जनों हमले
हूती प्रवक्ता नस्रुद्दीन आमेर (Nasruddin Amer) ने 9 सितंबर को जानकारी दी कि सऊदी समर्थित बलों ने रात भर में यमन के कई प्रांतों में कुल 32 airstrikes किए, जिनमें Taiz भी शामिल था। इसके अलावा हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उसी दिन पूरे यमन में 50 से अधिक हवाई हमले दर्ज किए गए, जिनका मुख्य केंद्र Taiz और होदेइदाह (Hodeida) के इलाके थे। हालांकि हूती सूत्रों की तरफ से इन हमलों के आंकड़े जारी किए गए थे, लेकिन रात भर चले इन 32 हमलों में किसी भी तरह के नुकसान या हताहत होने की तत्काल कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई थी।
सऊदी अरब पर हुए हमलों का कड़ा जवाब
यह पूरा सैन्य घटनाक्रम 8 सितंबर 2026 को सऊदी अरब में तेल सुविधाओं और यूटिलिटीज पर हुए हूती हमलों के बाद सामने आया है। उन हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हो गए थे, जिसके बाद सऊदी अधिकारियों ने बहुत कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई करने की कसम खाई थी। मेजर जनरल तुर्की अल मलिकी (Turki al Maliki) ने हूती हमलों को पापपूर्ण करार दिया और सीधा सैन्य बदला लेने की बात कही।
दूसरी ओर, अमेरिका दूतावास यमन ने 9 सितंबर को एक बयान जारी कर कहा कि यमन की वैध सरकार को अपने नागरिकों की रक्षा करने और हूती ताकतों को बेअसर करने का पूरा अधिकार है। इसके साथ ही अमेरिका ने सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार का भी समर्थन किया। वहीं दूसरी तरफ, हूती अधिकारियों का कहना था कि उनकी हालिया कार्रवाई यमन के भीतर पहले से चल रही सऊदी सैन्य कार्रवाई के जवाब में थी। इस पूरे हालात पर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की भी पैनी नजर है ताकि सुरक्षा की स्थिति पर अपडेट मिल सके।