नेपाल बाढ़ राहत के लिए तमिलनाडु सरकार ने बढ़ाया हाथ, MEA अधिकारियों के साथ नई दिल्ली में की खास बैठक.

Nura Basta28 August 20263 min read23 viewsIndia
नेपाल बाढ़ राहत के लिए तमिलनाडु सरकार ने बढ़ाया हाथ, MEA अधिकारियों के साथ नई दिल्ली में की खास बैठक.

नेपाल में आए विनाशकारी बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं, जहां फंसे हुए भारतीय नागरिकों और तमिलनाडु के लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को तमिलनाडु के वरिष्ठ मंत्रियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मुलाकात की और राहत कार्यों का जायजा लिया। इस उच्च स्तरीय दल का नेतृत्व सार्वजनिक निर्माण मंत्री आधार अर्जुना कर रहे थे, जिनके साथ स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन, कृषि मंत्री आर. विनोद और अनिवासी तमिल कल्याण मंत्री के. थेन्नारासु भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

आप सभी को बता दें कि नेपाल पुलिस की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार, 26 अगस्त से शुरू हुई इस भीषण आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो चुकी है, जबकि 1,545 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा करीब 977 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए नेपाल के 4,348 पुलिसकर्मी लगातार बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। इस कुदरती आफत में कई भारतीय नागरिक और मजदूर भी फंसे हैं जो वहां की स्थानीय जलविद्युत परियोजनाओं में काम करते हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पहले ही अपने चार कैबिनेट मंत्रियों को नई दिल्ली और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को काठमांडू भेजने का आदेश दिया था ताकि वहां फंसे 103 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित वापस लाया जा सके, जिनमें से 21 लोगों को पहले ही बचाया जा चुका है।

विदेश मंत्रालय और तमिलनाडु हाउस में कंट्रोल रूम एक्टिव

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राहत कार्यों को और तेज करने के लिए तमिलनाडु के मंत्रियों ने दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस में बनाए गए 24x7 हेल्प सेंटर कंट्रोल रूम के कामकाज की भी पूरी समीक्षा की। भारत सरकार का विदेश मंत्रालय (MEA) भी इस मामले में पूरी तत्परता से काम कर रहा है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यह जानकारी दी है कि मंत्रालय राज्य सरकारों और प्रोजेक्ट अधिकारियों के साथ मिलकर लगातार समन्वय स्थापित कर रहा है। प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत सरकार की तरफ से दो विशेष उड़ानों के जरिए 47.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री, जिसमें मुख्य रूप से दवाइयां और खाने-पीने का सामान शामिल है, नेपाल भेज दी गई है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही है मदद

इस संकट की घड़ी में दुनिया के दूसरे देश और संगठन भी नेपाल की मदद के लिए आगे आए हैं। अमेरिका ने नेपाल के लिए 500,000 अमेरिकी डॉलर की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है, वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी वहां आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति पहुंचाई है। इसके साथ ही नेपाली सरकार ने भी राहत कार्यों के लिए 25 मिलियन नेपाली रुपये का बजट आवंटित किया है। यदि आप या आपका कोई जानने वाला इस आपदा से प्रभावित क्षेत्र में फंसा है और मदद चाहता है, तो आप विदेश मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल Ministry of External Affairs पर जा सकते हैं या उनके आधिकारिक स्थिति कक्ष से संपर्क कर सकते हैं।

जरूरत पड़ने पर आप विदेश मंत्रालय के 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम के नंबरों +91 11 2308 8718 और +91 11 2308 8719 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप के जरिए +91 9968291988 पर संदेश भेज सकते हैं या situationroom@mea.gov.in पर ईमेल के माध्यम से संपर्क साध सकते हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास भी लगातार आपातकालीन सहायता प्रदान कर रहा है, जिसके लिए आप व्हाट्सएप नंबरों +977 985 131 6807, +977 970 910 7500 और +977 981 032 6117 पर संपर्क कर सकते हैं।

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