Kuwait में फंसी तमिलनाडु की महिला, दो महीने से नहीं मिला वेतन और हो रहा टॉर्चर

कुवैत से एक बेहद परेशान करने वाला मामला सामने आया है जहाँ तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले की रहने वाली एक महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर वतन वापसी की गुहार लगाई है। Vanitha नाम की यह महिला कुछ महीने पहले ही घरेलू काम के सिलसिले में कुवैत गई थी लेकिन वहां पहुंचने के बाद से उसकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। परिवार और महिला का आरोप है कि उसे पिछले दो महीनों से सैलरी नहीं दी गई है और लगातार शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। कल्लाकुरिची की पुलिस अधीक्षक Shahnaz ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने महिला की पहचान कर ली है और उसके परिवार से संपर्क कर लिया है।
परिवार ने एजेंट पर लगाया गलत जानकारी देने का आरोप
पीड़ित महिला दो बच्चों की मां है और उसके परिवार वालों का कहना है कि एक एजेंट ने उन्हें नौकरी को लेकर गलत जानकारी दी थी और धोखे से कुवैत भेजा था। परिवार की तरफ से पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारी महिला को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। यह घटना खाड़ी देशों में काम करने वाले आम घरेलू कामगारों के सामने आने वाली परेशानियों को उजागर करती है जहां लगभग 10 lakh भारतीय रहते हैं। विदेश में काम करने वाले प्रवासियों को अक्सर ऐसी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है जिससे उनके परिवार वाले भारत में काफी चिंतित रहते हैं।
भारतीय दूतावास की मदद और शिकायत दर्ज करने का तरीका
कुवैत में भारतीय दूतावास का एक समर्पित लेबर विंग है जो रोजगार, वीजा, सैलरी, शोषण और स्पॉन्सर से जुड़े विवादों को सुलझाने का काम करता है। दूतावास के नियमों के मुताबिक किसी भी तरह की परेशानी होने पर पीड़ित परिवार या कामगार MADAD portal के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं जिससे विदेश मंत्रालय मामले पर सीधी नजर रखता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति या तुरंत मदद के लिए दूतावास ने 24/7 हेल्पलाइन नंबर +965-22562151 जारी किया है जिसके अलावा नियमित सहायता के लिए नंबर 22530600 और 22530612 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
वीज़ा नियम और रिक्रूटमेंट से जुड़ी जरूरी बातें
सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार वीजा आर्टिकल 20 के तहत आने वाले घरेलू कामगारों के पास तय प्रारूप में एक वैध लेबर कॉन्ट्रैक्ट होना अनिवार्य है। दूतावास साफ तौर पर यह चेतावनी देता है कि नौकरी के लिए हमेशा रजिस्टर्ड रिक्रूटमेंट एजेंट के जरिए ही विदेश जाएं और किसी भी अनजान या अनधिकृत सब-एजेंट के चक्कर में न पड़ें। यात्रा करने से पहले अपने कॉन्ट्रैक्ट में सैलरी, काम का प्रकार और रहने की जगह जैसी सभी जरूरी बातों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए ताकि बाद में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा 30 वर्ष से कम उम्र की ईसीआर श्रेणी की महिला कामगारों के लिए emigration clearance को लेकर खास नियम बनाए गए हैं ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।