अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले का एआई वीडियो किया शेयर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मचा हड़कंप

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर ईरान के खिलाफ कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI-generated वीडियो का इस्तेमाल किया है, जिसमें काल्पनिक सैन्य हमलों को दिखाया गया है। इस घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ी चिंता का माहौल बन गया है और हर कोई इस डिजिटल कदम के बारे में खुलकर बात कर रहा है। राष्ट्रपति द्वारा शेयर किए गए इन वीडियो ने दुनिया भर के देशों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
सोशल मीडिया पर शेयर किया गया विवादित वीडियो
बीते 31 अगस्त 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इस फुटेज में ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र यानी खार्ग द्वीप पर बमबारी होते हुए दिखाया गया था। इस पोस्ट के सामने आते ही अमेरिकी रक्षा विभाग यानी U.S. Department of Defense को तुरंत स्पष्टीकरण देना पड़ा। विभाग ने साफ किया कि असल में अमेरिकी सेना ने 30 अगस्त 2026 की शाम को खार्ग द्वीप के बजाय लार्क द्वीप को निशाना बनाया था।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान और मनोवैज्ञानिक युद्ध
इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए उपराष्ट्रपति JD Vance ने 31 अगस्त 2026 को कहा कि राष्ट्रपति अपने सोशल मीडिया के तौर-तरीकों में बदलाव करना पसंद करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन पोस्ट का मकसद ईरान को एक खास संदेश भेजना था। इस स्थिति को लेकर मीडिया और विशेषज्ञों ने गहरी छानबीन शुरू कर दी है। अल जज़ीरा इंग्लिश ने 3 सितंबर 2026 को अपनी रिपोर्ट में सवाल उठाया कि क्या ये वीडियो केवल साधारण मीम्स हैं या फिर किसी तरह का मनोवैज्ञानिक युद्ध है। अल जज़ीरा की संवाददाता Emma Withrow ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अभी भी यह तय नहीं कर पा रहा है कि इन डिजिटल संदेशों को कितनी गंभीरता से लिया जाए।
अमेरिका में एआई नीति और कड़े नियम
अमेरिकी प्रशासन द्वारा एआई का यह इस्तेमाल ऐसे समय में हो रहा है जब देश में नीतियां लगातार बदल रही हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने दिसंबर 2025 में एआई के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने हेतु कार्यकारी आदेश 14365 पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद जून 2026 में कार्यकारी आदेश 14409 लाया गया, जो साइबर सुरक्षा और आधुनिक एआई मॉडल के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर देता है। हालांकि अमेरिका में कोई व्यापक संघीय एआई कानून नहीं है, लेकिन एफटीसी और एफसीसी जैसी एजेंसियां इन मामलों को संभालती हैं। इसके अलावा 2025 में पास हुआ संघीय TAKE IT DOWN Act बिना सहमति के एआई वाली निजी तस्वीरें साझा करने पर रोक लगाता है।
दूसरी तरफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने भी इस पर सख्ती बढ़ाई है। उदाहरण के लिए 'एक्स' ने ऐसे अकाउंट्स से कमाई का जरिया बंद करने की नीति बनाई है जो सशस्त्र संघर्ष की एआई तस्वीरें बिना किसी चेतावनी के शेयर करते हैं। प्रशासन ने कॉपीराइट और ट्रेनिंग डेटा से जुड़े कानूनी मामलों में ओपनएआई का साथ भी दिया है। हालांकि कंपनी को अपने नए एआई मॉडल की सुरक्षा को लेकर लगातार आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी जानकारी अल जज़ीरा ने 4 सितंबर 2026 को दी थी।