अमेरिका और इसराइल के बीच तनाव बढ़ा, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा इसराइल को डरने की ज़रूरत नहीं

Aanya2 September 20263 min read36 viewsWorld
अमेरिका और इसराइल के बीच तनाव बढ़ा, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा इसराइल को डरने की ज़रूरत नहीं

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल को बड़ा भरोसा दिया है। 02 सितंबर 2026 को इसूई समाचार चैनल कान से बातचीत करते हुए उन्होंने साफ कहा कि वह खुद देश के राष्ट्रपति हैं और स्थिति को संभाल लेंगे। उन्होंने इसराइल को यह भी आश्वस्त किया कि युद्ध के दोबारा शुरू होने से डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि आने वाली कोई भी लड़ाई ज्यादा लंबी नहीं चलेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान से क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है क्योंकि इस समय पूरे खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं और आम लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।

ईरान को चेतावनी और अमेरिकी कार्रवाई

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई की तो उसे पहले से कहीं अधिक ताकतवर और बड़े स्तर पर हमला झेलना पड़ेगा। उन्होंने अपने इस बयान में ईरान के हमलों को एक उचित जवाब का नतीजा बताया। इससे पहले 26 अगस्त 2026 को अल जज़ीरा को दिए इंटरव्यू में भी उन्होंने कहा था कि वह ईरान के साथ बातचीत शुरू करने को लेकर किसी भी जल्दबाजी में नहीं हैं और इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के ठिकानों पर लगातार हमलों को अंजाम दिया है। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान सीरिया और ईरान के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार 02 सितंबर 2026 को सिरिक क्षेत्र में एक रिहायशी इमारत पर हुए हमले में कम से कम चार आम नागरिकों की जान चली गई, जहां उस समय एक शादी का कार्यक्रम चल रहा था।

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खाड़ी देशों में मिलिट्री बेस पर हमले

क्षेत्रीय अस्थिरता का असर अब सीधे तौर पर पड़ोसी देशों तक पहुंच गया है। ईरान ने जॉर्डन के कैंप टिटिन स्थित अमेरिकी सैन्य बैरक और बहरीन में मौजूद एक मिलिट्री बेस पर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है। इसी दौरान कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि 02 सितंबर 2026 को उसके एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया ताकि आसमान में मंडरा रहे संदिग्ध और खतरनाक प्रोजेक्टाइल को समय रहते रोका जा सके। इस बढ़ते टकराव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने चेतावनी दी है कि उनके देश के सशस्त्र बलों के पास अमेरिका के लिए ऐसे सबक हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। वहीं अमेरिकी हाउस स्पीकर Mike Johnson ने 02 सितंबर 2026 को ईरान के खिलाफ चल रही अमेरिकी-इसराइली सैन्य कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया और राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की।

इसराइल का कड़ा रुख और क्षेत्रीय सुरक्षा

इस बीच इसराइल की तरफ से भी आक्रामक रुख अपनाया गया है। इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने 02 सितंबर 2026 को चेतावनी दी कि यदि आने वाले यहूदी छुट्टियों के मौसम में ईरान या उसके सहयोगी कोई हमला करते हैं, तो इसराइल बहुत बड़ी ताकत के साथ उसका मुंहतोड़ जवाब देगा। इसके साथ ही इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने स्पष्ट किया कि ईरान में उनका मौजूदा सैन्य मिशन अभी खत्म नहीं हुआ है और कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है। इन तमाम घटनाक्रमों के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों के मन में लगातार डर बना हुआ है कि यह संघर्ष और अधिक भयानक रूप न ले ले।

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