हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की सप्लाई को लेकर आमने-सामने आए अमेरिका और ट्रैकिंग डेटा, जानिए क्या है पूरा मामला.

Nura Basta3 September 20263 min read46 viewsWorld
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की सप्लाई को लेकर आमने-सामने आए अमेरिका और ट्रैकिंग डेटा, जानिए क्या है पूरा मामला.

गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल का प्रवाह फिर से युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुंच गया है। उनका यह भी कहना था कि अब इस समुद्री मार्ग पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है और ईरानी सेना को पूरी तरह से हराया जा चुका है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस रास्ते का नाम बदलकर TRUMP STRAIT रख देना चाहिए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने इस रास्ते को बारूदी सुरों से साफ कर दिया है और तट के पास मौजूद ईरान के नए उपकरणों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।

ऊर्जा सचिव और अधिकारियों के आंकड़े

अमेरिका के ऊर्जा सचिव Chris Wright ने बताया कि सोमवार, 1 सितंबर 2026 को इस रास्ते से 1.7 करोड़ बैरल तेल गुजरा। यह आंकड़ा साल 2025 की आखिरी तिमाही के दौरान रोजाना औसतन 2.16 करोड़ बैरल (bpd) के पुराने स्तर के काफी करीब है। इसके अलावा, अमेरिकी अधिकारियों ने CNN को जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने मंगलवार, 2 सितंबर 2026 को लगभग 40 कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा प्रदान करते हुए इस क्षेत्र से निकाला, जिन पर करीब 1.8 करोड़ बैरल तेल लदा हुआ था। इस दौरान अमेरिकी सैनिकों ने एक एंटी-शिप क्रूज मिसाइल को हवा में ही रोक दिया और ईरान के कई ड्रोन हमलों को भी नाकाम कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि 1 सितंबर को किए गए हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री जहाजों, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता और संचार नेटवर्क को निशाना बनाया गया था।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

ट्रैकिंग डेटा और विशेषज्ञों की रिपोर्ट में विरोधाभास

दूसरी तरफ, Kpler, Windward, Sky News और TankerTrackers.com जैसी ट्रैकिंग एजेंसियों के आंकड़े अमेरिकी दावों के बिल्कुल उलट हैं। TankerTrackers.com के अनुमान के मुताबिक, 1 सितंबर को सिर्फ 68.1 लाख बैरल और 2 सितंबर को 46.3 लाख बैरल तेल ही अरब सागर से बाहर निकल पाया। उनका यह भी कहना है कि ईरान का कच्चा तेल निर्यात पुराने स्तर से गिरकर पूरी तरह शून्य यानी 100 प्रतिशत नीचे आ गया है। इसके अलावा, Kpler और Windward ने बताया कि 2 सितंबर को इस जलडमरूमध्य से केवल चार कमर्शियल जहाज ही गुजर पाए, जबकि उससे एक दिन पहले इनकी संख्या दस थी। Argus Media का कहना है कि ऊर्जा सचिव द्वारा बताए गए 1.7 करोड़ बैरल प्रति दिन के आंकड़े की पुष्टि उपलब्ध समुद्री डेटा से नहीं होती है। वहीं Bloomberg ने Goldman Sachs के हवाले से बताया है कि तेल की आवाजाही में रिकवरी अभी पुरानी क्षमता की केवल दो-तिहाई यानी लगभग 66 प्रतिशत ही हुई है। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने इन अमेरिकी रिपोर्टों को बाजार को शांत करने वाला छलावा बताया और जोर देकर कहा कि यह जलमार्ग अभी भी पूरी तरह बंद है।

अमेरिकी नौसेना की गश्त और आगे की स्थिति

अमेरिका के वित्त सचिव Scott Bessent ने कहा कि जैसे-जैसे सैन्य हालात इजाजत देंगे, अमेरिकी नौसेना जहाजों को सुरक्षा देकर आगे भी निकालती रहेगी। बीते 14 जुलाई से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है। इस दौरान कुल 84 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया है, 3 जहाजों को बेकार किया गया है और 2 जहाजों की तलाशी ली गई है। इसके जवाब में ईरान के फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण ने नियम तोड़ने वाले जहाजों की सूची में 12 और जहाज जोड़ दिए हैं, जिससे ऐसे जहाजों की कुल संख्या अब 57 हो गई है। द इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) ने अपने आकलन में बताया है कि अमेरिकी हमलों की वजह से इस क्षेत्र में ईरान की निगरानी करने और बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है।

Share:

Comments

Leave a comment