अमेरिका और ईरान में फिर बढ़ा तनाव, ट्रंप ने किया बड़ा दावा तो तेहरान ने किया साफ इनकार.

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 13 सितंबर 2026 को आयरलैंड की यात्रा के दौरान यह बड़ा बयान दिया कि ईरान किसी समझौते के लिए बहुत उत्सुक है और शांतिवार्ता के लिए लगातार फोन कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान के साथ चल रहा यह पूरा विवाद इसी साल यानी नवंबर के मध्यावधि चुनावों के आसपास खत्म हो जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह केवल एक सही समझौता स्वीकार करेंगे और यह भी सुझाव दिया कि अमेरिका वेनेजुएला की तरह ईरान में भी तेल पर कब्जा बनाए रखने के लिए अपनी मौजूदगी रख सकता है।
ईरान ने ठुकराया अमेरिका का दावा
दूसरी तरफ, ईरानी विश्लेषक Mostafa Khoshcheshm ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इन दावों को सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान कभी भी दबाव में आकर बातचीत नहीं करेगा। इस बात को आगे बढ़ाते हुए ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी घोषणा की कि ईरान अमेरिकी दबाव के आगे बिल्कुल नहीं झुकेगा। उन्होंने वाशिंगटन पर यह आरोप लगाया कि वह देश के आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है। इसके साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण के दावे को सीधे तौर पर खारिज कर दिया और चेतावनी दी कि कोई भी अमेरिकी जहाज इस रणनीतिक जलमार्ग के पास न आए।
क्षेत्रीय देशों की बैठक हुई स्थगित
इन बढ़ते तनावों के बीच 13 सितंबर 2026 को क्सम द्वीप के पास एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ। नेविगेशन की स्वतंत्रता को लेकर कुवैत, सऊदी अरब, कतर और ओमान के बीच होने वाली क्षेत्रीय चर्चाएं उस समय अटक गईं जब ओमान में होने वाली एक तय बैठक को टाल दिया गया। अमेरिकी ऊर्जा सचिव Chris Wright ने भी यह चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अभी किसी भी तरह की तुरंत राहत या सफलता की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम से खाड़ी देशों में चिंता का माहौल बना हुआ है और आम लोग इस बात से परेशान हैं कि हालात आगे क्या रूप लेंगे।