ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लेकिन जमीनी सेना भेजने से किया इनकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले का मूल्यांकन कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने जमीनी हमले से इनकार किया है।

Gautam Sahu16 October 20261 min read11 viewsWorld
ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लेकिन जमीनी सेना भेजने से किया इनकार

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि उनका प्रशासन ईरान के परमाणु ठिकानों पर संभावित सैन्य हमलों का मूल्यांकन कर रहा है। न्यूज़मैक्स को दिए एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ने नतांज के पास स्थित पिकैक्स माउंटेन की सुरंग परिसर को एक संभावित लक्ष्य बताया है। यह किलानुमा फैसिलिटी जमीन से करीब 100 मीटर नीचे बनी हुई है।

धमकियों के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि क्षेत्र में अमेरिकी जमीनी सेना तैनात करने का कोई इरादा नहीं है।

मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के मुताबिक, सैन्य योजना में GBU-43/B मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट (MOAB) के इस्तेमाल की संभावना शामिल है, जो एक हाई-यील्ड कन्वेंशनल विस्फोटक है। यह रणनीति तनाव के बीच आई है, जिसमें हाल ही में अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी में ईरान से जुड़े एक निगरानी जहाज को नष्ट किया था।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले कहा था कि नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा, लेकिन फिलहाल उनका रुख आक्रामक बना हुआ है। राजनयिक स्तर पर ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका परमाणु निरस्त्रीकरण के व्यापक प्रयासों के लिए रूस और चीन के साथ बातचीत कर रहा है।

ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरानी अधिकारियों ने वॉशिंगटन के साथ सीधी बातचीत शुरू की है और बातचीत की सुविधा के लिए सैन्य अभियानों को अस्थायी रूप से रोकने का अनुरोध किया है। दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि सैन्य या आर्थिक दबाव बढ़ाने से तेहरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा।

पिकैक्स माउंटेन, जिसे ईरान ने 2021 में सेंट्रीफ्यूज असेंबली साइट घोषित किया था, तनाव का मुख्य केंद्र बना हुआ है। जुलाई से अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार इस जगह को लेकर चेतावनी दे रहे हैं।

Share:

Comments

Leave a comment