खार्ग द्वीप पर ट्रंप की पोस्ट ईरान के लिए सीधा संदेश थी, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया बड़ा खुलासा.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के बीच एक नया बयान सामने आया है जिससे कूटनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर खार्ग द्वीप को लेकर शेयर की गई पोस्ट का मुख्य मकसद ईरान को चेतावनी देना था। इस बयान के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट और संदेश
जेडी वेंस ने सोमवार को एक बातचीत के दौरान बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोशल मीडिया पर अपनी बात अलग-अलग और अनोखे अंदाज में रखने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति आम तौर पर इस तरह के प्लेटफॉर्म्स के जरिए किसी भी सैन्य अभियान की औपचारिक घोषणा नहीं करते हैं। हालांकि, 30 अगस्त को खार्ग द्वीप से जुड़ी जो पोस्ट शेयर की गई थी, उसका उद्देश्य ईरान तक एक कड़ा संदेश पहुंचाना बिल्कुल था।
क्या था ट्रंप की पोस्ट में
आपको बता दें कि 30 अगस्त को डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक छोटा सा वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में ईरान के बहुत बड़े ऊर्जा केंद्र यानी खार्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह होते हुए दिखाया गया था। इस पोस्ट के सामने आते ही पूरी दुनिया में चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या अमेरिका ईरान के इस अहम ठिकाने पर हमला करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, स्थिति को साफ करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी कि रातभर चली किसी भी सैन्य कार्रवाई में खार्ग द्वीप को निशाना नहीं बनाया गया था।
ईरान की प्रतिक्रिया और खार्ग द्वीप का महत्व
दूसरी तरफ, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति की इस पोस्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है और इसे एक हास्यास्पद हरकत बताया है। ईरान के लिए खार्ग द्वीप आर्थिक रूप से बहुत ज्यादा मायने रखता है। देश में युद्ध की स्थिति शुरू होने से पहले ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा इसी केंद्र के जरिए संभाला जाता था। अगर इस क्षेत्र पर भविष्य में कोई भी हमला होता है, तो इससे ईरान की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा निर्यात को बहुत बड़ा झटका लग सकता है।