अमेरिका और ईरान की जंग में मीडिया पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, अमरीकी मीडिया को कहा देशद्रोही.

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने अमरीकी मीडिया पर बड़ा हमला बोला है और उन्हें देशद्रोही तक कह दिया है। यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अमरीका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को 7 महीने पूरे हो चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमरीका के पास हथियारों और गोला-बारूद का स्टॉक बहुत कम हो गया है। इसी बात से भड़ककर राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर गुस्सा जाहिर किया और मीडिया की इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
हथियारों के स्टॉक पर राष्ट्रपति का बयान
राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने बयान में कहा कि मीडिया की तरफ से चलाई जा रही खबरें 100 प्रतिशत गलत हैं। उन्होंने दावा किया कि अमरीका के पास मध्यम से उच्च ग्रेड के हथियारों का भंडार लगभग असीम मात्रा में मौजूद है। उनके मुताबिक हथियारों का उत्पादन इस समय ऐसी रफ्तार से हो रहा है जो पहले कभी नहीं देखा गया था। ट्रंप ने यह भी कहा कि देश विदेशी बिक्री से ज्यादा घरेलू सप्लाई और भंडार को प्राथमिकता दे रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा हथियारों की कमी के लिए पुरानी Biden Administration को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने यूक्रेन को जरूरत से ज्यादा हथियार दे दिए थे।
सामरिक रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई
राष्ट्रपति के दावों के उलट सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज यानी CSIS की जुलाई के अंत में आई एक रिपोर्ट में अलग ही बात सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार अमरीका ने अपने Patriot missile interceptors का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा और लगभग आधे THAAD interceptors खत्म कर दिए हैं। इस तरह की गोपनीय जानकारी लीक होने के बाद संघीय अभियोजकों ने पत्रकारों को समन जारी किया है ताकि प्रशासन के भीतर के उन लोगों का पता लगाया जा सके जिन्होंने यह जानकारी बाहर दी थी। इस कदम से जासूसी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई किए जाने की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
क्षेत्रीय तनाव और सैन्य झड़पें
इस बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है और जुलाई के बाद अमरीकी तथा ईरानी फौजों के बीच यह अब तक की सबसे बड़ी सैन्य झड़प मानी जा रही है। ईरान की समाचार एजेंसी Tasnim के मुताबिक 1 सितंबर 2026 को अमरीकी हमलों में ईरान की सेना के नौसेना बल के 6 जवान मारे गए थे। इस हफ्ते की शुरुआत में ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने भी मीडिया की आलोचना करते हुए उन्हें ईरानियों का समर्थक बताया था।
युद्ध विराम और आगे की स्थिति
अमरीकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने स्पष्ट किया है कि जब तक तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हमले बंद नहीं करता, तब तक अमरीका उनके साथ कोई बातचीत नहीं करेगा। उपराष्ट्रपति ने उस हवाई हमले की जांच की पुष्टि भी की जिसके बारे में ईरान का दावा है कि उसमें एक शादी समारोह के दौरान आम नागरिक मारे गए थे। यह पूरा संघर्ष जिसे Operation Epic Fury का नाम दिया गया है, 28 फरवरी 2026 को 900 हमलों के एक बड़े शुरुआती दौर के साथ शुरू हुआ था। पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए संघर्ष विराम और जून के समझौते के बाद भी दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं।