US-Israel Iran War: अमेरिका और इसराइल के बीच ईरान से जंग नवंबर के मिडटर्म चुनाव के बाद खत्म होगी - Donald Trump

Sushma Kumari9 September 20262 min read43 viewsWorld
US-Israel Iran War: अमेरिका और इसराइल के बीच ईरान से जंग नवंबर के मिडटर्म चुनाव के बाद खत्म होगी - Donald Trump

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 9 सितंबर 2026 को बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच चल रही मौजूदा जंग नवंबर के मिडटर्म चुनावों के ठीक तुरंत बाद समाप्त हो जाएगी। राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान की सरकार अपनी स्थिति को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है और वह आगामी मतदान को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह 3 नवंबर 2026 को होने वाले चुनाव से पहले ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं कर रहे हैं, जिस दौरान हाउस की 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव होना है। आधिकारिक चुनाव प्रक्रिया के नियमों के अनुसार, इस चुनावी प्रक्रिया के लिए मतदान की शुरुआत 4 सितंबर को अनुपस्थित ballots के वितरण के साथ हो चुकी है, जिसकी अधिक जानकारी NC State Board of Elections पर दी गई है।

संघर्ष की शुरुआत और ताजा सैन्य गतिविधियां

यह पूरा सैन्य संघर्ष इस साल के फरवरी महीने के आखिर में शुरू हुआ था, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु संवर्धन ढांचे और पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था। पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक संक्षिप्त संघर्ष विराम और जून के महीने में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बावजूद, दोनों पक्षों के बीच शत्रुता फिर से शुरू हो गई। हाल ही में 9 सितंबर को अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के पांच तेल tankers को निशाना बनाया। इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सेना के Al Azraq base पर हमला कर दिया। जॉर्डन की सेना ने इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने ईरान की तरफ से दागी गई 18 मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया और इस हमले में किसी भी तरह के जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा तनाव और कूटनीति

इसी बीच, इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी यानी IAEA ने पिछले दो दशकों में पहली बार ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रिपोर्ट करने के लिए एक प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह कदम ईरान द्वारा घोषित न किए गए ठिकानों पर मिले यूरेनियम के निशानों के मामले में सहयोग करने से इनकार करने के बाद उठाया गया। अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन द्वारा समर्थित इस प्रस्ताव की ईरान ने कड़ी निंदा की है। दूसरी तरफ, पेंटागन ब्रिटेन, फ्रांस, इसराइल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरानी ठिकानों की एक फाइनल सूची तैयार करने में जुटा हुआ है। अमेरिका भविष्य के हमलों में अपने बमवर्षक विमानों के इस्तेमाल को मंजूरी देने की पूरी तैयारी कर रहा है, जिसकी जानकारी U.S. Embassy and Consulate in Ecuador के माध्यम से समझी जा सकती है। हालात की गंभीरता को देखते हुए इसराइली शहरों में आम जनता के लिए सार्वजनिक आश्रय स्थल खोल दिए गए हैं क्योंकि अमेरिका और यरुशलम के बीच सैन्य और खुफिया सहयोग लगातार तेजी से बढ़ रहा है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment