अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेज, ट्रंप ने दी बड़ी धमकी, स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज में हालात हुए खराब

Aanya2 September 20263 min read27 viewsWorld
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेज, ट्रंप ने दी बड़ी धमकी, स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज में हालात हुए खराब

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त तेवर दिखाए हैं और बहुत कड़ी सैन्य कार्रवाई करने की चेतावनी जारी की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि उनका देश जब चाहे तब ईरान पर दोबारा हमला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस ताजा बयान के बाद खाड़ी देशों और दुनिया भर में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है, जिससे वहां रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों के मन में भी डर का माहौल बन गया है।

कुहेस्तक में शादी समारोह पर हुआ हमला और जान-माल का नुकसान

मंगलवार, 1 सितंबर 2026 और बुधवार, 2 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के कई इलाकों में ताबड़तोड़ हमले किए। ईरानी अधिकारियों और ईरानी रेड क्राइसिस के मुताबिक, इन हमलों में से एक मिसाइल दक्षिणी हॉर्मोज़ प्रांत के सिरिक काउंटी के कुहेस्तक इलाके में एक रिहायशी मकान पर जा गिरी, जहां उस समय एक शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की जान चली गई, जिसमें एक 4 साल का बच्चा और एक 16 साल का किशोर भी शामिल था। इसके अलावा, इस हमले में कम से कम 68 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में मरने वालों की संख्या पांच तक बताई जा रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को एक बड़ा युद्ध अपराध करार दिया है और मांग की है कि अमेरिका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

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यूएस सेंट्रल कमांड का बयान और स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज का विवाद

ईरान के इन गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना कभी भी नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है। उन्होंने कहा कि CENTCOM ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा चलाई जा रही इन खबरों और दावों की जांच कर रहा है। इसके साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण होने का दावा किया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पानी के रास्तों पर समुद्री बारूदी सुरंगे बिछाने की किसी भी कोशिश के खिलाफ उनकी सरकार शून्य सहनशीलता की नीति यानी ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर काम कर रही है। अमेरिकी बलों ने हाल ही में रिवोल्यूशनरी गार्ड के जहाजों को जलडमरूमध्य में सी माइंस यानी समुद्री सुरंगे बिछाने की तैयारी करते हुए पकड़ा था, जिसके बाद अमेरिकी सैनिकों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को नेस्तनाबूद कर दिया।

खाड़ी देशों में मिलिट्री बेस बने निशाना और जहाजों पर कार्रवाई

इन ताजा सैन्य झड़पों से पहले पिछले एक महीने से दोनों देशों के बीच hostilities यानी शत्रुता में थोड़ी शांति थी, जो अब पूरी तरह टूट चुकी है। ईरान ने पलटवार करते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स से जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE, कुवैत और बहरीन में स्थित सैन्य ठिकानों और अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बनाया है। ईरानी अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि अमेरिकी हमलों के दौरान एक नागरिक हवाई अड्डा और अन्य बुनियादी ढांचा भी क्षतिग्रस्त हुआ है। स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज में सुरक्षा हालात इतने नाजुक हो गए हैं कि ईरानी पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने नियमों का पालन न करने पर 56 जहाजों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब रिवोल्यूशनरी गार्ड के अधिकारियों ने दावा किया कि इस रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकर बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए थे। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी आप White House Releases पर देख सकते हैं।

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