ट्रम्प की ईरान को कड़ी चेतावनी: या तो समझौता करें या विनाश झेलें
President Trump issues a stark ultimatum to Iran, stating the nation must secure a formal deal or face military destruction as tensions escalate.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। बढ़ते तनाव के बीच, ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब ईरान के पास केवल दो ही विकल्प बचे हैं: या तो एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर करें, या फिर सैन्य कार्रवाई का सामना करें। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने बेहद कड़े लहजे में संकेत दिया कि स्थिति किसी भी दिशा में बहुत जल्द समाप्त हो जाएगी।
तनाव के बीच ट्रंप का कड़ा रुख
राष्ट्रपति ट्रंप ने हिस्पैनिक हेरिटेज मंथ के दौरान मीडिया से बातचीत में ईरान को लेकर अपनी रणनीति साझा की। उन्होंने संकेत दिया कि यदि कूटनीति काम नहीं करती है, तो सैन्य विकल्प खुला है। ट्रंप ने कहा, "शायद आपको उन्हें खत्म करना पड़े," और यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा गतिरोध का अंत "बहुत जल्द, किसी भी तरह से" हो जाएगा।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग्ची ने पुष्टि की है कि ईरानी सरकार को अमेरिका की ओर से शांति प्रस्ताव के संबंध में एक आधिकारिक जवाब मिला है। हालांकि, इस दस्तावेज़ की सामग्री क्या है और क्या यह प्रस्ताव को खारिज करने जैसा है, इस पर अभी कोई स्पष्टता नहीं आई है। फिलहाल कतर और पाकिस्तान जैसे देश वाशिंगटन और तेहरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।
आर्थिक और सैन्य दबाव तेज
अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने "ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट" शुरू किया है, जिसके तहत ईरान की सैन्य आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े व्यक्तियों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं।
समुद्री मोर्चे पर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है:
- हॉर्मोज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हॉर्मोज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण का दावा करते हुए नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है।
- वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग परिवर्तन: इस नाकाबंदी के कारण अब तक 125 वाणिज्यिक जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है।
- सैन्य तैनाती: अरब सागर में अमेरिकी विमानवाहक पोत USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश को तैनात किया गया है।
ट्रंप ने पहले भी ईरान के उन प्रस्तावों को खारिज कर दिया था जिनमें जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही गई थी। उन्होंने ईरान की स्थिति को "बहुत खराब" बताते हुए कहा कि वे इस संघर्ष में बुरी तरह हार रहे हैं।
इराक से अमेरिकी सेना की वापसी
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, राष्ट्रपति ट्रंप ने "ऑपरेशन इनहेरेंट रिजोल्व" के औपचारिक रूप से समाप्त होने की घोषणा की है। इसके साथ ही इराक से अमेरिकी बलों की वापसी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिसे ट्रंप ने संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक बड़ी जीत बताया है।
दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अमेरिकी मतदाताओं को संबोधित करते हुए एक खुला पत्र जारी किया है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इसे केवल एक दुष्प्रचार (Propaganda) करार दिया है, जिसका उद्देश्य चल रहे संघर्ष के खिलाफ अमेरिकी जनमत को प्रभावित करना है।