काला सागर में तुर्किये के जहाजों पर हमला, अंकारा ने यूक्रेन के राजदूत को तलब कर जताई कड़ी नाराजगी

काला सागर में तुर्किये द्वारा संचालित दो जहाजों को निशाना बनाए जाने की बड़ी घटना सामने आई है जिसके बाद तुर्किये की सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। अंकारा ने इस मामले में तुरंत एक्शन लेते हुए यूक्रेन के राजदूत को विदेश मंत्रालय तलब किया और अपनी गहरी नाराजगी दर्ज कराई। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार तुर्किये ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह के हमलों को सहन नहीं किया जाएगा और जहाजों की सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है।
राजदूत को तलब कर दर्ज कराई आपत्ति
जानकारी के मुताबिक यूक्रेन के अंकारा स्थित राजदूत नरीमान ज्जेल्यालोव को तुर्किये के विदेश मंत्रालय बुलाया गया था। यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया जब तुर्किये द्वारा संचालित जहाज लीडर बोर्डो मावी को 26 अगस्त को तुआप्से के निकट निशाना बनाया गया था। इस हमले के बाद से ही दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर हलचल तेज हो गई थी और तुर्किये ने इसे बहुत गंभीरता से लिया है।
अगले दिन दूसरे जहाज पर भी हुआ हमला
मामले की गंभीरता तब और अधिक बढ़ गई जब इसके ठीक अगले दिन एक और बड़ी घटना सामने आई। पहले से क्षतिग्रस्त हो चुके जहाज को खींचकर सुरक्षित स्थान तक ले जाने के लिए एक और जहाज भेजा गया था जिसका नाम लीडर कोकातेपे था। इस बचाव कार्य में लगे जहाज को भी निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई जिसके बाद तुर्किये का गुस्सा और अधिक फूट पड़ा। लगातार हो रहे इन हमलों से समुद्री सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है।
समुद्री सुरक्षा और नौवहन पर दिया जोर
विदेश मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक के दौरान तुर्किये के अधिकारियों ने इन सभी घटनाओं पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। कूटनीतिक सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी कि अंकारा ने काला सागर क्षेत्र में लोगों की जान, संपत्ति, समुद्री नौवहन और पर्यावरण की सुरक्षा को बेहद महत्वपूर्ण बताया है। तुर्किये ने यूक्रेन को यह बात बिल्कुल स्पष्ट कर दी है कि काला सागर के जलक्षेत्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना सबसे आवश्यक काम है ताकि किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान से बचा जा सके।