तुर्की ने की दुनिया भर से मांग, अवैध इसराइली बस्तियों के साथ व्यापार पर लगाया जाए तुरंत प्रतिबंध.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ लेते हुए 8 सितंबर 2026 को तुर्की के विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर के देशों से एक तीखी अपील की है। तुर्की सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में बनी अवैध इसराइली बस्तियों के साथ सभी प्रकार के व्यापार और बिजनेस संबंधों को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। अंकारा का यह आधिकारिक बयान ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और आम जनता के बीच भी इसको लेकर चिंताएं गहरी होती जा रही हैं।
दो-राज्य समाधान को कमजोर करने के आरोप
तुर्की के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि इसराइल की सरकार लगातार ऐसी नीतियां अपना रही है जिससे दो-राज्य समाधान की उम्मीदों को बड़ा झटका लग रहा है। तुर्की के अधिकारियों ने कहा कि बस्तियों का यह विस्तार कोई छोटी बात नहीं है बल्कि यह एक सोची-समझी योजना के तहत किया जा रहा है जिससे फिलिस्तीन राज्य के अस्तित्व पर ही बड़ा खतरा मंडराने लगा है। इसके साथ ही तुर्की ने इसराइली बस्तियों में रहने वाले लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे स्थानीय आबादी के खिलाफ अनुचित कार्रवाई कर रहे हैं। तुर्की ने अपनी पुरानी बात को फिर से दोहराया कि वह 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश का समर्थन करता है, जिसकी राजधानी पूर्वी येरुशलम होनी चाहिए।
12 देशों का बड़ा फैसला और वैश्विक समर्थन
तुर्की की यह अपील दुनिया के कई देशों द्वारा उठाए गए हालिया कदमों के बाद आई है। हाल ही में कुल 12 देशों ने अवैध बस्तियों के साथ व्यापारिक रिश्तों पर रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है। इन देशों में यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, कनाडा, डेमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, आयरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्वीडन के नाम शामिल हैं। इन सभी देशों ने मिलकर इन बस्तियों के साथ बिजनेस डीलिंग पर बैन लगाने की घोषणा की है।
फिलिस्तीनी अधिकारियों ने इन 12 देशों के इस कदम का खुले दिल से स्वागत किया और इसे जवाबदेही की दिशा में एक बहुत जरूरी और बड़ा कदम बताया। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने भी इस पहल की सराहना की। यूएन के प्रवक्ता जेरेमी लॉरेंस ने कहा कि ऐसे उपाय वेस्ट बैंक में चल रही हिंसा और कब्जे को खत्म करने के प्रयासों में मदद करते हैं। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्च आयुक्त वोल्कर तुर्क ने भी दुनिया के अन्य देशों से ऐसी ही सार्थक और मजबूत कार्रवाई करने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने कंपनियों से भी यह अपील की थी कि वे ऐसी किसी भी कारोबारी गतिविधि को तुरंत रोक दें जो इन अवैध बस्तियों को बढ़ावा देती हो।
इसराइल की तरफ से पलटवार
इन तमाम अंतरराष्ट्रीय बयानों और प्रतिबंधों के बीच इसराइल की सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है। इन सभी विकासक्रमों के जवाब में इसराइल ने कई जवाबी और सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में इसराइल सरकार ने कब्जे वाले पूर्वी येरुशलम में स्थित ब्रिटिश कंसुलट को बंद करने का बड़ा आदेश जारी किया है। इस राजनीतिक हलचल से आने वाले दिनों में कूटनीतिक रिश्ते और अधिक प्रभावित हो सकते हैं, जिसका असर आम क्षेत्रीय राजनीति पर भी साफ देखने को मिल रहा है।