12 देशों का बड़ा फैसला, वेस्ट बैंक की इस्राइली बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर लगी रोक

Praggya Singh sabal8 September 20262 min read15 viewsWorld
12 देशों का बड़ा फैसला, वेस्ट बैंक की इस्राइली बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर लगी रोक

दुनियाभर के 12 देशों ने मिलकर इस्राइल के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है और वेस्ट बैंक की बस्तियों से आने वाले सामान पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। 8 सितंबर 2026 को फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने आधिकारिक रूप से ऐलान किया कि उनका देश इस्राइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक की बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर पूरी तरह से रोक लगा रहा है। फ्रांस के इस फैसले के पीछे क्षेत्र में बढ़ रही हिंसा और बस्तियों का तेजी से हो रहा विस्तार मुख्य कारण है। फ्रांसीसी मंत्री ने यह भी साफ किया कि यूरोपीय संघ को बस्तियों से जुड़े व्यापार का समर्थन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत अवैध माना जाता है।

ब्रिटेन और अन्य देशों का सख्त कदम

उसी दिन ब्रिटेन के विदेश सचिव Ed Miliband ने भी पुष्टि की कि ब्रिटेन ने भी बस्तियों के सामान पर आयात प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ एक व्यापक प्रतिबंध व्यवस्था शुरू कर दी है। ब्रिटिश सरकार का मानना है कि वे अब केवल इस कब्जे की आलोचना तक सीमित नहीं रह सकते क्योंकि यह फिलिस्तीनियों के संभावित विस्थापन से जुड़ा हुआ है। ब्रिटेन का यह कदम फ्रांस और कनाडा के साथ पूरी तरह से बातचीत के बाद उठाया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह नीति 2024 के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के उस परामर्शी फैसले पर आधारित है जिसमें वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गाजा पट्टी में इस्राइल के कब्जे को अवैध करार दिया गया था।

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अन्य देशों की नीतियां और समयसीमा

आयरलैंड ने इसी फैसले के आधार पर जुलाई 2026 में 'इस्राइली सेटलमेंट्स इन द ऑक्यूपाइड पैलवानियन टेरिटरी (प्रोहिबिशन ऑफ इम्पोर्टेशन ऑफ गुड्स) एक्ट 2026' को लागू किया था। वहीं नीदरलैंड्स ने भी इन बस्तियों के सामान के आयात, खरीद, बिक्री और इससे जुड़ी ब्रोकरेज सेवाओं पर रोक लगाने के लिए 22 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। इसके अलावा स्लोवेनिया ने अगस्त 2025 में, स्पेन ने सितंबर 2025 में और बेल्जियम ने जुलाई 2026 में इस तरह के प्रतिबंधों को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई थी या इन्हें लागू कर दिया था।

इस्राइल की तीखी प्रतिक्रिया

विभिन्न देशों द्वारा उठाए गए इस सामूहिक कदम के बाद इस्राइली अधिकारियों की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस्राइल के वित्त मंत्री Bezalel Smotrich और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir ने ब्रिटिश राजदूत को देश से बाहर निकालने और पूर्वी यरुशलम में स्थित ब्रिटिश कंसुलट को बंद करने की मांग की है। इस्राइल के राष्ट्रपति Isaac Herzog ने ब्रिटेन के इस कदम को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया। इसके अलावा अमेरिका के राजदूत Mike Huckabee ने भी ब्रिटेन के फैसले की आलोचना करते हुए इसे भेदभावपूर्ण बताया और भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

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