Oman में दो भारतीय प्रवासियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, केरल पहुंचा पार्थिव शरीर.

ओमान से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है जहां अलग-अलग घटनाओं में दो युवा भारतीय प्रवासियों की मौत हो गई। इन दोनों की पहचान 28 वर्षीय मुहम्मद जनीश बाबू और 29 वर्षीय शरथ के रूप में हुई है, जो केरल के रहने वाले थे। सभी कानूनी और आधिकारिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों का पार्थिव शरीर उनके गृहराज्य केरल वापस भेज दिया गया है। ये दोनों ही मलयाली प्रवासी समुदाय के बीच फुटबॉल खेलने के लिए काफी जाने जाते थे और अपने परिवार की खातिर ओमान में मेहनत मजदूरी कर रहे थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद से दोनों के परिवार और स्थानीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है, और हर कोई इस अनहोनी से पूरी तरह से हैरान है।
मुहम्मद जनीश बाबू की मौत की गुत्थी और पहचान में देरी
कोझिकोड के चक्कुमकदावु के रहने वाले मुहम्मद जनीश बाबू, मुहम्मद जाफर और फातिमाबी के बेटे थे। वह पहले ओमान के मबेला इलाके में एक चॉकलेट कंपनी में काम करते थे और चार महीने पहले ही केरल लौटे थे। इसके बाद वह रोजगार की तलाश में हाल ही में दोबारा अस्थायी वीजा पर ओमान गए थे और वादी कबीर में रह रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनीश 31 अगस्त को अपना बैग लेकर अपने घर से निकले थे, जिसके बाद उनका शव मस्कट के हमरिया इलाके की एक इमारत में बरामद हुआ। शुरुआत में उनके पास पासपोर्ट नहीं मिलने के कारण रॉयल ओमान पुलिस को उनकी पहचान करने में काफी मुश्किल हुई और उन्हें एक अज्ञात शव के रूप में दर्ज कर लिया गया था। बाद में उनके पुराने नियोक्ता की मदद से उनकी सही पहचान की पुष्टि हो पाई।
शरथ का मस्कट के रुवी इलाके में मिला शव
मलप्पुरम जिले के कुन्नाकावु इलाके के रहने वाले 29 वर्षीय शरथ, गोविंद और पद्मिनी के बेटे थे। उन्हें शनिवार को मस्कट के रुवी इलाके में उनके आवास पर मृत पाया गया। रॉयल ओमान पुलिस द्वारा सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद, मस्कट KMCC केयर विंग ने उनके शव को भारत भेजने की औपचारिकताओं में पूरी मदद की। प्रवासी संगठनों और स्थानीय मदद के बिना ऐसे मामलों में कागजी कार्रवाई पूरी करना प्रवासियों के परिवारों के लिए बहुत मुश्किल होता है, लेकिन समुदाय के लोगों ने आगे आकर इस कठिन समय में पूरा सहयोग दिया ताकि पार्थिव शरीर समय पर उनके घर पहुंच सके।
स्थानीय अधिकारियों की जांच और आधिकारिक नियम
स्थानीय अधिकारियों द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक किसी भी व्यक्ति की मौत का आधिकारिक कारण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर चल रही बिना पुष्टि वाली खबरों और अफवाहों पर ध्यान न देने की सख्त सलाह दी है। ओमान में किसी भी भारतीय नागरिक की मृत्यु होने पर भारतीय दूतावास मस्कट द्वारा एक तय औपचारिक पंजीकरण प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है। इसमें नजदीकी पुलिस थाने को सूचना देना, अस्पताल से मृत्यु सूचना प्राप्त करना और रॉयल ओमान पुलिस के नागरिक पंजीकरण विभाग से मृत्यु प्रमाण पत्र हासिल करना शामिल है। इसके बाद दूतावास शव को वापस भेजने या स्थानीय दफन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी जारी करता है। इस प्रक्रिया के लिए पासपोर्ट, श्रम कार्ड की कॉपी और अगले कानूनी वारिस की सहमति जैसे दस्तावेजों की जरूरत होती है। ओमान के श्रम कानून के अनुसार, किसी भी मृत trabajador के शुरुआती प्रक्रियाओं की मुख्य जिम्मेदारी वहां के स्पॉन्सर या कंपनी की होती है। ओमान में किसी भी तरह की आपातकालीन सहायता के लिए रॉयल ओमान पुलिस को 9999 पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने समुदाय कल्याण के लिए टोल-फ्री नंबर 80071234, व्हाट्सएप सेवा नंबर +968 98282270 और कांसुलर शिकायतों के लिए MADAD पोर्टल की सुविधा दी है, जिसका इस्तेमाल प्रवासी संकट के समय कर सकते हैं।