ओमान के पास दो जहाजों पर हमला, भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित लेकिन गल्फ में बढ़ा तनाव.

Nura Basta18 September 20263 min read20 viewsIndia
ओमान के पास दो जहाजों पर हमला, भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित लेकिन गल्फ में बढ़ा तनाव.

ओमान और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास से गुजर रहे दो जहाजों पर बड़ा हमला होने की खबर सामने आई है। इन दोनों विदेशी जहाजों पर भारतीय नाविक भी सवार थे, जिससे खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। समुद्री प्रशासन निदेशालय ने इन हमलों की पुष्टि की है, जिसके बाद से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।

ओमान और होर्मुज के पास हुआ हमला

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को हुई थी। पनामा के झंडे वाले क्रूड ऑयल टैंकर MT Basrah Energy को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। गनीमत यह रही कि इस हमले में जहाज को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा और उस पर सवार सभी 22 क्रू मेंबर सुरक्षित हैं, जिनमें 14 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। सुरक्षित बचने के बाद इस जहाज को यूएई के फुजैराह एंकरिंग क्षेत्र में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है।

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दूसरा हमला और ड्रोन की दहशत

इस पहली घटना के कुछ ही घंटों बाद एक और जहाज को निशाना बनाया गया। ओमान के खासब पोर्ट के पास टोगो के झंडे वाले ऑयल प्रोडक्ट टैंकर Trend पर एक ड्रोन से हमला किया गया। शुक्रवार दोपहर तक इस हमले में हुए नुकसान और उस पर सवार भारतीय नाविकों की कुल संख्या के बारे में आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी थी। इस तरह लगातार हो रहे हमलों ने फारस की खाड़ी में काम करने वाले लोगों की सांसे अटका दी हैं।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर बड़ा संकट

इन लगातार हमलों की वजह से फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में मौजूद कुल 153 भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इस कुल संख्या में छह भारतीय झंडे वाले जहाज और आठ विदेशी झंडे वाले जहाज शामिल हैं, जिनमें भारतीय हित जुड़े हुए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए इनमें से 10 जहाजों को निकालने के लिए चिह्नित किया गया है। केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्यों के नाविक इन हालातों से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इससे पहले भी इस साल एमटी अल बहियाह, एमटी मोम्बासा और एमटी एल गैया जैसे जहाजों पर हुए हमलों में कई लोगों की जान गई थी और लोग घायल हुए थे। इस महीने की शुरुआत में ओमान के पास एमटी एल गैया पर हुए हमले के बाद से एक भारतीय नाविक अभी भी लापता है।

प्रशासन की नजर और जमीनी हालात

नई दिल्ली इस पूरे मामले पर रियल-टाइम डैशबोर्ड के जरिए लगातार नजर बनाए हुए है। मस्कट, अबू धाबी और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास इस स्थिति से निपटने के लिए आपस में पूरा तालमेल बनाए हुए हैं। इसके बावजूद यह जलमार्ग अभी भी बेहद संवेदनशील बना हुआ है। ड्रोन, प्रोजेक्टाइल और नौसैनिक गतिविधियों के खतरे के बाद भी शिपिंग कंपनियां लगातार इस रूट से अपने जहाजों का संचालन कर रही हैं। हिंदुस्तान टाइम्स और बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को इन घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि की गई है। खाड़ी देशों में नौकरी करने वाले और समुद्र के रास्ते सफर करने वाले लोगों के लिए यह समय काफी सावधानी बरतने का है।

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