Saudi Arabia पर हूती विद्रोहियों के हमले से कई लोग घायल, UAE ने की निंदा और दिया सऊदी का पूरा साथ

सऊदी अरब के नागरिक और आर्थिक इलाकों पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमलों के बाद खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सऊदी अरब के प्रति अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई आम नागरिक घायल हुए हैं, जिसने क्षेत्र की सुरक्षा और शांति को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर दी है।
8 सितंबर 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर हूती आतंकवादी समूह द्वारा किए गए हमलों की कड़े शब्दों में आलोचना की है। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाया है। इनमें Abha, Khamis Mushait, Jazan, और Najran जैसे शहर शामिल हैं। इन शहरों में स्थित नागरिक ठिकानों और आर्थिक केंद्रों पर हमले किए गए, जिससे वहां रहने वाले आम लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
नागरिकों को पहुंचाया गया नुकसान और समुद्री सुरक्षा पर संकट
इन हमलों के कारण आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमलों में दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा, UAE ने Red Sea (लाल सागर) में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की लगातार हो रही घटनाओं पर भी गहरा रोष व्यक्त किया है। बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों पर हमले करना बेहद खतरनाक है। यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन और वैश्विक व्यापार की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है।
UAE के विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने अपने आधिकारिक बयान में इन हमलों को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। मंत्रालय ने कहा कि यह हिंसक और शत्रुतापूर्ण कृत्य सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है। यह क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए भी एक सीधा खतरा है। UAE के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि वे सऊदी अरब के साथ हर परिस्थिति में पूरी मजबूती से खड़े हैं।
इसके साथ ही, UAE ने सऊदी अरब सरकार द्वारा अपने देश की सुरक्षा, स्थिरता और नागरिकों के बचाव के लिए उठाए जाने वाले सभी आवश्यक कदमों को अपना पूरा समर्थन दिया है। खाड़ी क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं और इस तरह की आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी ध्यान देने की मांग की गई है।