UAE का बड़ा कदम, मंगोलिया में जलवायु परिवर्तन और सूखे से निपटने के लिए संभाली कमान.

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पर्यावरण और जलवायु को बचाने के लिए एक बार फिर से वैश्विक स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी अपने हाथ में ली है। यूएई के जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्रालय की मंत्री हर्ज़ एक्सीलेंस डॉ. अमना बिन अब्दुल्ला अल दहाक इस समय मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित हो रहे संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। यह महत्वपूर्ण सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन टू कॉम्बैट डेजर्टिफिकेशन (UNCCD COP17) का सत्र है जो 17 अगस्त से 28 अगस्त 2026 तक चल रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य विषय 'रेस्टोरिंग लैंड. रेस्टोरिंग होप.' रखा गया है जिसका उद्देश्य भूमि और पर्यावरण को फिर से हरा-भरा करना है।
यूएई की सक्रिय भागीदारी और वैश्विक मुद्दे
इस वैश्विक सम्मेलन में यूएई की यह भागीदारी इस बात को साफ करती है कि देश वैश्विक स्तर पर भूमि सुधार, जलवायु वित्त और जल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कितना गंभीर है। इस सम्मेलन के दौरान यूएई के प्रतिनिधि दुनिया भर के अन्य देशों के साझीदारों के साथ मिलकर मरुस्थलीकरण यानी जमीन के बंजर होने की समस्या से निपटने के उपायों पर चर्चा कर रहे हैं। यह मुद्दा इसलिए भी बहुत खास है क्योंकि इस बार का मेजबान देश मंगोलिया खुद अपनी कुल जमीन के करीब 77 प्रतिशत हिस्से पर भूमि क्षरण यानी मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम होने की समस्या से जूझ रहा है। इसके अलावा, साल 2026 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा 'अंतर्राष्ट्रीय रेंगेलैंड्स और पास्टोरलिस्ट वर्ष' के रूप में भी मनाया जा रहा है, जिसे मंगोलिया ने ही आगे बढ़ाया था ताकि स्थायी भूमि प्रबंधन पर पूरी दुनिया का ध्यान केंद्रित किया जा सके।
पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की योजनाएं
डॉ. अमना बिन अब्दुल्ला अल दहाक, जिन्होंने जनवरी 2024 में अपनी नियुक्ति के बाद से यूएई के पर्यावरण सुधार के कामों को बहुत आगे बढ़ाया है, इस बड़े मंच का उपयोग सूखे से निपटने और प्राकृतिक सुरक्षा के लिए देश की भूमिका को मजबूत करने में कर रही हैं। इस सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और यूनेस्को (UNESCO) जैसे कई बड़े अंतर्राष्ट्रीय संगठन भी हिस्सा ले रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम एक नया ग्लोबल ड्राउट रेजिडेंस क्षमता सूचकांक लाने का प्रस्ताव रख रहा है, जबकि यूनेस्को वैज्ञानिक अनुसंधान और स्थानीय तथा पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। ये सारी चर्चाएं मंगोलिया की उन घरेलू पहलों को और मजबूत करती हैं जिनमें 'बिलियन ट्रीज' अभियान और 'यूथ4लैंड' मंच शामिल हैं, जिनका मकसद भूमि की स्थिरता के लिए वैश्विक सहयोग को बढ़ाना है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप UNCCD COP17 की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।