UAE ने नेपाल को भेजी 148 टन राहत सामग्री, 10 मिलियन डॉलर की मदद से बचाई जा रही है जिंदगियां

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने आपदा से जूझ रहे नेपाल देश के लिए मदद का बड़ा हाथ बढ़ाया है। 4 सितंबर 2026 को नेपाल की राजधानी में UAE का तीसरा राहत विमान उतरा जिसमें 20 टन मानवीय सहायता और दुबई पुलिस की एक विशेष खोज और बचाव टीम शामिल थी। देश के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan के निर्देशों के तहत यह पूरा 10 मिलियन डॉलर का राहत अभियान चलाया जा रहा है जिसके बाद अब तक नेपाल पहुंचने वाली कुल सहायता सामग्री की मात्रा बढ़कर 148 टन हो गई है। इस मानवीय पहल से नेपाल के उन लोगों को बड़ी राहत मिल रही है जो हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदाओं से काफी ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
अत्याधुनिक उपकरणों के साथ नेपाल में उतरी दुबई पुलिस टीम
UAE राहत संचालन के निदेशक Dr. Hammoud Al Afari ने इस बात की पुष्टि की कि नेपाल पहुंचे दुबई पुलिस के बचाव दल के पास आधुनिक तकनीक के उपकरण मौजूद हैं। इन उपकरणों की मदद से बाढ़ और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित इलाकों में खोज और राहत कार्यों को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है। काठमांडू स्थित UAE दूतावास के अनुसार अमीराती बचाव दल स्थानीय नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है और उन्होंने मैदानी इलाकों में मोर्चा संभालते हुए नुकसान का आकलन करना भी शुरू कर दिया है। राहत सामग्री को तेजी से जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए फील्ड टीमें सीधे स्थानीय नेपाली बाजारों से जरूरी सामान खरीद रही हैं ताकि किसी भी तरह की देरी ना हो।
आपदा से नेपाल और तिब्बत में भारी नुकसान
बता दें कि नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में आई इस बड़ी आपदा के कारण मरने वालों की संख्या 1,300 से ज्यादा हो गई है जबकि 5,500 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लगातार चल रहे बचाव अभियानों के बीच एक अच्छी खबर यह भी सामने आई कि अपर त्रिशूली 3ए हाइड्रोपावर प्लांट की एक सुरंग से दो श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। नेपाल में UAE के राजदूत Abdullah Al Shamsi ने बताया कि देश के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों के तहत यह बचाव अभियान अभी भी सबसे बड़ी प्राथमिकता बना हुआ है। इसके अलावा UAE सहायता एजेंसी के उपाध्यक्ष कार्यालय के निदेशक Dr. Ahmed Al Mansouri ने कहा कि एजेंसी स्थानीय अधिकारियों और संयुक्त अभियान कमान के साथ लगातार संपर्क में है ताकि प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जा सके। इस बारे में अधिक जानकारी WAM की आधिकारिक रिपोर्ट में दी गई है।