UAE का बड़ा ऐलान, नेपाल में आए भयानक बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद जताई गहरी एकजुटता.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने नेपाल में आए विनाशकारी बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद वहां की सरकार और जनता के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है। 26 अगस्त 2026 को नेपाल में आए इस भयानक प्राकृतिक संकट के बाद Ministry of Foreign Affairs (MoFA) की तरफ से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया। इस बयान में UAE सरकार ने इस आपदा में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति प्रकट की है। इसके साथ ही इस दुर्घटना में घायल हुए सभी लोगों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना भी की गई है। इस पूरी जानकारी के बारे में आप विस्तार से MoFA Official Website और WAM News पर जाकर पढ़ सकते हैं।
भयंकर तबाही और मौतों का आंकड़ा
नेपाल में यह भयानक आपदा एक बड़े भूकंप के बाद ग्लेशियर टूटने से आई अचानक फ्लैश फ्लड की वजह से आई थी। सुबह के करीब 9 बजे भोते कोशी नदी में अचानक पानी का बहाव बहुत ज्यादा बढ़ गया, जिससे उत्तर के कई जिले जैसे रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग पूरी तरह तबाह हो गए। इस आपदा में अब तक कम से कम 95 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा 380 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता होने वाले लोगों में 291 विदेशी नागरिक, 93 नेपाली नागरिक और कई सरकारी अधिकारी तथा पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इस भयंकर आपदा की वजह से वहां की जरूरी बुनियादी चीजें जैसे सड़कें, पुल, टेलीकॉम नेटवर्क और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने स्थिति से निपटने के लिए कई आपातकालीन बैठकें की हैं और लोगों को भोतेकोशी, त्रिशूल और नारायणी नदियों के पास वाले निचले इलाकों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने के सख्त निर्देश दिए हैं.
अंतर्राष्ट्रीय मदद और बचाव अभियान
इस मुश्किल समय में नेपाल सरकार की तरफ से प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने भारत और चीन से मानवीय सहायता की मांग की है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया है, जिसके तहत भारत की तरफ से 10 टन जरूरी दवाइयां और राहत सामग्री नेपाल भेज दी गई है। इसके अलावा UNICEF समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठन और विदेशी दूतावास लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। नेपाल आर्मी के बचाव दल लगातार लापता नागरिकों और अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया तथा कनाडा जैसे देशों से आए अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की तलाश में जुटे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमें दिन-रात राहत कार्यों में लगी हुई हैं ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।