UAE और फ्रांस के बीच बड़ी डील, अंतरिक्ष तकनीक में 1 अरब डॉलर का निवेश हुआ तय.

यूएई की अंतरिक्ष तकनीक क्षेत्र की प्रमुख निवेशक और ऑपरेटर कंपनी मर्लान स्पेस ने फ्रांस में एक बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट के तहत 1 अरब अमेरिकी डॉलर का भारी निवेश किया जा रहा है, जिसमें लॉफ्ट ऑर्बिटल कंपनी भी साथ मिलकर काम कर रही है। इस समझौते पर हस्ताक्षर 9 सितंबर 2026 को पेरिस में आयोजित इंटरनेशनल स्पेस समिट के दौरान किए गए, जहां फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहे। इस पूरी साझेदारी का मुख्य उद्देश्य दुनिया का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI सैटेलाइट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है, जिसे 'अल्ताइर-नेक्स्ट जेन' नाम दिया गया है।
अल्ताइर-नेक्स्ट जेन सैटेलाइट्स की खासियत
इस प्रोजेक्ट के शुरुआती चरण में कुल पचास सैटेलाइट बनाए जाएंगे, जिनमें रडार, ऑप्टिकल और अन्य आधुनिक सेंसर लगाए जाएंगे। ये सैटेलाइट्स फ्रांस, यूरोप और यूएई के सरकारी उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ दुनिया भर के कमर्शियल ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करेंगे। पुरानी तकनीकी प्रणालियों में जमीन पर डेटा डाउनलोड और प्रोसेस होने में कई घंटे लगते थे, लेकिन इस नए सिस्टम के जरिए ये सैटेलाइट अंतरिक्ष में ही अंतरिक्ष से मिलने वाली जानकारी का विश्लेषण कर लेंगे। इसके बाद इवेंट का डेटा कुछ ही सेकंड के भीतर सीधे उपयोगकर्ताओं तक पहुंच जाएगा। पचास सैटेलाइटों का यह पूरा बेला हर समय रियल-टाइम पर नजर रखने की क्षमता प्रदान करेगा।
केंजाद, अबू धाबी में होगा निर्माण
इन सभी सैटेलाइट्स का निर्माण अबू धाबी के KEZAD स्थित ऑर्बिटल वर्क्स की आधुनिक फैक्ट्री में किया जाएगा। यह स्थान कमर्शियल कॉन्सिलेशन के लिए इस क्षेत्र का सबसे बड़ा हाई-वॉल्यूम सेंटर है। ऑर्बिटल वर्क्स असल में मर्लान स्पेस और लॉफ्ट ऑर्बिटल का एक संयुक्त उद्यम है, जिसकी शुरुआत 2024 में हुई थी। इस इकाई के पास उत्पादन क्षमता को दस से बढ़ाकर पचास सैटेलाइट तक ले जाने की पूरी औद्योगिक ताकत मौजूद है। यह बड़ा कदम इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी यानी IHC द्वारा मर्लान स्पेस में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के समझौते के ठीक बाद उठाया गया है, जिसकी घोषणा 8 सितंबर 2026 को की गई थी।
अधिकारियों के बयान और भविष्य की योजनाएं
IHC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैयद बसर शुएब ने बताया कि इस निवेश से यूएई और फ्रांस अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में सबसे आगे आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसमें पूंजी, आधुनिक तकनीक और वैश्विक साझेदारियों को एक साथ जोड़ा गया है। वहीं मर्लान स्पेस और ऑर्बिटल वर्क्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. हमदुल्लाह मोहिब ने कहा कि यह प्रोजेक्ट अंतरिक्ष खुफिया तंत्र का भविष्य तय करेगा। उन्होंने बताया कि इससे औद्योगिक विनिर्माण को एक राष्ट्रीय क्षमता में बदला जा रहा है, जो बेहद उन्नत और एकीकृत प्रणाली पर काम करती है। इस पूरी व्यवस्था के तहत उपयोगकर्ता एक साझा सैटेलाइट पर कई अलग-अलग सेवा प्रदाताओं के मॉडल चुनकर चला सकेंगे। शुरुआती सेवाओं में समुद्र पर निगरानी, जंगल की आग का पता लगाना, आपदा प्रबंधन और बंदरगाहों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा शामिल है।