UAE और Germany ने की बड़ी बैठक, म्यूनिख में व्यापार और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति।

यूएई और जर्मनी के बीच आर्थिक रिश्तों को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए म्यूनिख शहर में एक बेहद अहम बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ मंत्रियों ने हिस्सा लिया और आपसी व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। इस दौरान दोनों देशों के बीच पुराने आर्थिक संबंधों की समीक्षा की गई और भविष्य में मिलकर काम करने के नए रास्तों की तलाश की गई।
म्यूनिख में हुई 12वीं संयुक्त आर्थिक समिति की बैठक
दिनांक 11 सितंबर 2026 को म्यूनिख में UAE-Germany Joint Economic Committee (JEC) के 12वें सत्र का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की सह-अध्यक्षता यूएई के विदेश व्यापार मंत्री Dr. Thani bin Ahmed Al Zeyoudi और जर्मनी की संघीय आर्थिक मामलों और ऊर्जा मंत्री Katherina Reiche ने की। यह बैठक यूएई के राष्ट्रपति महामहिम Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan की जर्मनी की आधिकारिक राजकीय यात्रा के दौरान हुई, जिससे इस आयोजन का महत्व और अधिक बढ़ गया। सत्र से पहले दोनों मंत्रियों ने एक द्विपक्षीय बैठक भी की जिसमें पिछले सत्र के बाद से अब तक हुई प्रगति का मूल्यांकन किया गया।
किन क्षेत्रों में बढ़ेगा आपसी सहयोग
दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उद्योग, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, परिवहन, स्वास्थ्य सेवा, जीवन विज्ञान, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, कृषि, खाद्य सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और यूटिलिटीज जैसे तमाम क्षेत्रों में आपसी सहयोग को गहरा करने के लिए व्यावहारिक उपाय तय किए। बैठक के अंत में मंत्रियों ने 12वीं जेईसी के मिनट्स पर हस्ताक्षर किए, जिसमें भविष्य के आर्थिक सहयोग के लिए एक व्यापक कार्यक्रम तैयार किया गया है। दोनों पक्षों ने सरकार से सरकार के बीच जुड़ाव बढ़ाने, व्यापार और निवेश के प्रवाह को आसान बनाने, बाजार तक पहुंच में सुधार करने और नए कारोबारी अवसर पैदा करने की प्रतिबद्धता जताई। इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार ढांचों के तहत मिलकर काम करने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
जर्मनी कंपनियों और व्यापार की स्थिति
बैठक में प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के अनुसार मई 2026 के अंत तक यूएई में कुल 7,685 जर्मन कंपनियां काम कर रही थीं। वहीं जून 2026 की शुरुआत तक यूएई में 20,842 जर्मन ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड हो चुके थे। इस दौरान जर्मन-एमिरेट्स ज्वाइंट काउंसिल फॉर इंडस्ट्री एंड ट्रेड और यूएई-जर्मन बिजनेस काउंसिल की भूमिकाओं की भी काफी सराहना की गई जो दोनों देशों के बीच व्यावसायिक संबंधों को मजबूत बनाने में लगातार काम कर रहे हैं। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने छोटे और मध्यम उद्योगों यानी एसएमई और आंत्रप्रेन्योरशिप को पूरा समर्थन देने पर भी अपना विशेष ध्यान केंद्रित किया।
यूएई के मंत्री का बयान
यूएई के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जायौदी ने इस बात पर जोर दिया कि यह सत्र दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि जर्मनी यूरोपीय संघ के भीतर यूएई का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, जो यूरोपीय संघ के साथ यूएई के कुल गैर-तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण के यूएई के लक्ष्य को पूरा करने में जर्मनी एक प्रमुख भागीदार बना हुआ है।