UAE और भारत के बीच डिफेंस पार्टनरशिप तेज, अबू धाबी में हुआ खास फोरम का आयोजन.

Praggya Singh sabal15 September 20262 min read26 viewsUAE
UAE और भारत के बीच डिफेंस पार्टनरशिप तेज, अबू धाबी में हुआ खास फोरम का आयोजन.

यूएई और भारत के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करने के लिए डिफेंस सेक्टर में बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से UAE–India Defence Industry Forum की शुरुआत 15 सितंबर 2026 को अबू धाबी में की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच रक्षा और औद्योगिक संबंधों को नई दिशा देना है, जिससे आने वाले समय में दोनों देश मिलकर रक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

किसने किया इस फोरम का आयोजन

इस बड़े रक्षा फोरम का आयोजन Tawazun Council for Defence Enablement द्वारा किया गया था। इस आयोजन में यूएई में भारत गणराज्य के दूतावास और सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स यानी SIDM ने भी पूरा सहयोग दिया। यह आयोजन दोनों देशों के अधिकारियों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए एक ऐसा मंच बना जहां वे खुलकर बातचीत कर सकें और अपने आपसी हितों की पहचान कर सकें।

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इस कार्यक्रम में कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से Tawazun Council के सचिव-जनरल Dr. Nasser Humaid Al Nuaimi, यूएई में भारत के राजदूत Dr. Deepak Mittal और Zen Technologies के उपाध्यक्ष तथा SIDM प्रतिनिधिमंडल के नेता AVM Arvind Verma ने हिस्सा लिया। इसके अलावा यूएई के रक्षा मंत्रालय, भारतीय दूतावास, EDGE Group और दोनों देशों की कई अन्य रक्षा कंपनियों के नुमाइंदे भी इस बैठक का हिस्सा बने।

रक्षा क्षेत्र में तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

इस फोरम के दौरान भारत की रक्षा क्षमताओं को लेकर कई प्रस्तुतियां दी गईं। साथ ही भारतीय कंपनियों को अपनी तकनीकी विशेषज्ञता के बारे में विस्तार से बताने का मौका मिला। दोनों पक्षों के बीच कई द्विपक्षीय बैठकें हुईं जिनमें मैन्युफैक्चरिंग यानी निर्माण, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, आधुनिक तकनीक और सप्लाई चेन के क्षेत्र में मिलकर काम करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

Tawazun Council के उद्योग विकास महानिदेशक Shareef Hashim Al Hashemi ने बताया कि यह फोरम रणनीतिक संबंधों को व्यावहारिक सहयोग में बदलने का काम करता है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य पुराने खरीदार और विक्रेता वाले मॉडल से आगे बढ़कर संयुक्त विकास, उत्पादन और तकनीकी साझेदारियों को अपनाना है।

भारतीय राजदूत Dr. Deepak Mittal ने इस बात पर जोर दिया कि अब दोनों देश मिलकर औद्योगिक सह-विकास की तरफ बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह पहल भारत के 'Make in India' विजन और यूएई की 'Make it in the Emirates' रणनीति के साथ पूरी तरह मेल खाती है, जिसकी रूपरेखा मई 2026 में बने स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप फ्रेमवर्क के तहत तय की गई थी। वहीं AVM Arvind Verma ने कहा कि इस फोरम की मदद से भारतीय कंपनियों को यूएई की कंपनियों के सामने अपनी तकनीक और समाधान दिखाने का बेहतरीन मौका मिला है जिससे भविष्य में दोनों देशों का औद्योगिक सहयोग और अधिक मजबूत होगा।

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