UAE में भारतीय प्रवासियों ने मनाया गणेश चतुर्थी का त्योहार, काम का दिन होने के कारण ऐसे किया मैनेज.

Nura Basta14 September 20263 min read26 viewsUAE
UAE में भारतीय प्रवासियों ने मनाया गणेश चतुर्थी का त्योहार, काम का दिन होने के कारण ऐसे किया मैनेज.

UAE में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों ने Monday, September 14, 2026 को गणेश चतुर्थी का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ शुरू किया। भारत की तरह गल्फ देशों में इस दिन कोई आधिकारिक छुट्टी नहीं होती है, इसलिए लोगों ने अपने काम और नौकरी के साथ ही इस पवित्र उत्सव को मनाया। यह पावन पर्व Anant Chaturdashi यानी September 25 तक जारी रहने वाला है। महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, गोवा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश समेत भारत के कई अन्य राज्यों से ताल्लुक रखने वाले परिवार अपने घरों और कम्युनिटी जगहों पर बाप्पा की स्थापना कर रहे हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

कामकाज के बीच कैसे मना रहे हैं उत्सव

भारत में गणेशोत्सव के दौरान बैंक बंद रहते हैं और शेयर बाजार में भी छुट्टी होती है, लेकिन UAE में ऐसा नहीं है। यहां के स्कूल, सरकारी दफ्तर, प्राइवेट कंपनियां, मॉल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट हमेशा की तरह अपने तय समय पर सोमवार को चालू रहे। ऐसे में जिन कर्मचारियों को मंदिरों में दर्शन के लिए जाना था या पूजा में शामिल होना था, उन्होंने अपनी कंपनी की शिफ्ट, लंच ब्रेक या छुट्टी के जरिए समय निकाला। प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों को इस दिन कोई पैड छुट्टी नहीं मिलती है, इसलिए दिन के समय होने वाले अनुष्ठानों के लिए लोगों ने अपनी कंपनियों के एचआर या सुपरवाइजर से पहले ही अनुमति ली।

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दुबई और अबू धाबी के मंदिरों में उमड़ी भीड़

दुबई के Jebel Ali Village में स्थित हिंदू मंदिर और बर दुबई के पुराने मंदिर इलाके में दर्शन के लिए मुख्य रूप से लोग पहुंच रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि वे मंदिर जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया के जरिए खुलने के समय, दर्शन के शेड्यूल और क्यूआर-एंट्री जैसे नियमों की पूरी जानकारी जरूर जांच लें, क्योंकि इस खास दिन पर मंदिरों के खुलने के समय आम दिनों से अलग हो सकते हैं। दुबई के स्थानीय पंचांग के हिसाब से मध्याह्न पूजा का शुभ समय सुबह 11:01 a.m. से दोपहर 1:29 p.m. GST के बीच रहा। वहीं, अबू धाबी में BAPS Hindu Mandir मुख्य केंद्र बना हुआ है, जहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे दुबई से आने-जाने के रास्ते में ट्रैफिक को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

ट्रैफिक और विसर्जन के कड़े नियम

शाम के वक्त मंदिरों में जाने वाले परिवारों को शेख जायद रोड और जेबल अली के आस-पास भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा मंदिरों के बाहर लंबी कतारें भी देखने को मिल रही हैं, जिससे बचने के लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। मूर्ति विसर्जन को लेकर प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी परिवार किसी भी अधिकृत न होने वाले समुद्र तट या सार्वजनिक पानी के स्त्रोत में विसर्जन न करे। विसर्जन के लिए केवल मंदिरों या कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर्स द्वारा तय की गई जगहों का ही इस्तेमाल करना है। लोग चाहें तो अपने घर पर ही बिल्डिंग मैनेजमेंट और कचरा निस्तारण के नियमों का पालन करते हुए इको-फ्रेंडली तरीके से विसर्जन कर सकते हैं।

भारत पैसे भेजने वाले प्रवासियों के लिए जरूरी बात

जो लोग यूएई से भारत अपने परिवार के पास पैसे भेज रहे हैं, उनके लिए डिजिटल रेमिटेंस सेवाएं तो आम दिनों की तरह चालू हैं, लेकिन भारत में छुट्टी होने की वजह से प्राप्तकर्ता बैंक यानी रिसीपिएंट बैंक में ब्रांच-लेक प्रोसेस या मैनुअल कंप्लायंस चेक में कुछ देरी हो सकती है। जिन लोगों को प्रॉपर्टी के पैसे चुकाने हैं, लोन का भुगतान करना है या कोई जरूरी कॉरपोरेट ट्रांसफर करना है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे लेन-देन से पहले अपने बैंक से सेटलमेंट के समय की पुष्टि जरूर कर लें। इसके अलावा मंदिर के समय और नियमों के लिए किसी भी पुराने या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज पर भरोसा न करें, बल्कि साल 2026 के आधिकारिक शेड्यूल को ही सही मानें।

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