UAE में अल मिनहाद एयरबेस पर हमले की खबर झूठी, रक्षा मंत्रालय ने किया साफ और ड्रोन इंटरसेप्ट किया.

Sushma Kumari1 September 20263 min read31 viewsUAE
UAE में अल मिनहाद एयरबेस पर हमले की खबर झूठी, रक्षा मंत्रालय ने किया साफ और ड्रोन इंटरसेप्ट किया.

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को उन सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें अल मिनहाद एयरबेस पर किसी भी तरह के हमले का दावा किया जा रहा था। ईरानी सेना की तरफ से यह कहा गया था कि उसने अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए दर्जनों ड्रोन लॉन्च किए हैं, जो इस एयरबेस पर मौजूद हैं। इसके बाद यूएई प्रशासन ने इन दावों को पूरी तरह झूठा बताया और आम जनता से अपील की कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहें। इस बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच यूएई वायु सेना ने यह पुष्टि की कि देश की क्षेत्रीय सीमा में प्रवेश करने वाले एक संदिग्ध ड्रोन को सफलता पूर्वक रोक लिया गया है, जो ईरान की दिशा से आ रहा था।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

यह ताजा घटना अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में एक और बड़ा अध्याय है, जिससे दोनों देशों के बीच जुलाई के बाद से पहली बार सीधी गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई देखने को मिली है। एक अमेरिकी अधिकारी ने मीडिया को जानकारी दी कि रविवार को अमेरिकी बलों ने लार्क द्वीप पर स्थित दो ईरानी लॉन्चर्स पर हवाई हमले किए। यह जगह खारग द्वीप से लगभग 660 किलोमीटर यानी करीब 410 मील पूर्व में स्थित है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस कार्रवाई के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी बलों द्वारा उपयोग किए जाने वाले दो ठिकानों के साथ-साथ यूएई के अल मिनहाद एयरबेस को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी।

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ईरान के विदेश मंत्रालय का बयान

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में स्पष्ट किया कि जॉर्डन में किए गए हमले उन अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ थे जो लार्क द्वीप पर हुए ऑपरेशन को लॉन्च करने और समर्थन देने का काम कर रहे थे। इसके अलावा, ईरानी सेना ने यह दावा किया कि यूएई की सुविधा पर किया गया ड्रोन हमला विशेष रूप से उन जगहों को निशाना बनाने के लिए था जहां अमेरिकी सैनिक और हेलिकॉप्टर मौजूद हैं। ईरान का कहना था कि यह कदम लार्क द्वीप पर उसके सैनिकों को हुए नुकसान के बदले में उठाया गया है। यह पूरा विवाद उस संघर्ष का हिस्सा है जो पिछले छह महीनों से लगातार जारी है और थमने का नाम नहीं ले रहा है।

राजनयिक समाधान की उम्मीदों को झटका

जब से अमेरिका और इजराइल ने फरवरी के आखिर में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किए हैं, तब से ईरान लगातार खाड़ी देशों में अलग-अलग जगहों पर हमले करता आ रहा है। हालांकि कतर, सऊदी अरब और यूएई की मध्यस्थता के प्रयासों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 1 अगस्त को यह घोषणा की थी कि वह ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों पर रोक लगाने का आदेश देंगे, लेकिन हाल ही में हुई इस गोलीबारी और ड्रोन गतिविधि ने राजनयिक समाधान की बची-खुची उम्मीदों को भी बड़ा झटका दिया है। यूएई में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के लिए इस तरह की घटनाएं सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय जरूर बनती हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं और स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

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