UAE में ईरान का ड्रोन हमला नाकाम, रक्षा मंत्रालय ने कहा- देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं हम.

खाड़ी देशों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और हाल ही में एक बड़ी घटना सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE की वायु सेना ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को देश के प्रादेशिक जल क्षेत्र के ऊपर एक ईरानी ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आम लोगों में भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है। विशेष रूप से वहां काम करने वाले प्रवासियों और भारत से ताल्लुक रखने वाले लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
रक्षा मंत्रालय का कड़ा बयान
UAE के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश के सशस्त्र बल पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम लगातार देश के आसमान पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, UAE के विदेश मंत्रालय ने इस घुसपैठ को बेहद खतरनाक और आक्रामक करार दिया है। सरकार की तरफ से साफ कहा गया है कि यह देश की सुरक्षा, स्थिरता और क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा हमला है। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहते हुए देश अपनी संप्रूभुता और वहां रहने वाले सभी नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है। इस पूरी स्थिति की अधिक जानकारी के लिए आप WAM की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
अल मिन्हाद एयर बेस को लेकर फैलाई गई अफवाहों का खंडन
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलें Al Minhad Air Base को निशाना बना रही हैं। हालांकि, UAE के रक्षा मंत्रालय ने इन सभी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी तरह से झूठा बताया है। मंत्रालय का कहना है कि लोग इस तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। इसके अलावा UAE ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की भी कड़ी निंदा की है और इसे देशों की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है।
क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका की कार्रवाई
यह पूरा घटनाक्रम पिछले कुछ दिनों से सुलग रहे क्षेत्रीय तनाव का नतीजा है। यह सिलसिला रविवार को तब शुरू हुआ जब अमेरिका ने लराक द्वीप पर ईरान के दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाकर हमले किए। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में उनके कुछ लड़ाके और आम नागरिक हताहत हुए हैं। इसी का बदला लेने के लिए ईरान ने अल मिन्हाद एयर बेस पर तैनात अमेरिकी सैनिकों और हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाकर ड्रोन भेजे थे।
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन का कहना है कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद वे चुप भी नहीं बैठेंगे। इन सब के बीच UAE सरकार ने अपने सभी नागरिकों और वहां रह रहे प्रवासियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों से मिलने वाली जानकारियों पर ही भरोसा करें।