UAE और ईरान की उच्चस्तरीय बैठक, डॉ. अनवर गर्गश ने कहा कूटनीति और ताकत दोनों जरूरी

यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ. अनवर गर्गश ने रविवार, 13 सितंबर 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अबू धाबी के क्राउन प्रिंस हिज हाइनेस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन के बीच हुई हालिया बैठक देश की मजबूत नीतियों को सामने रखती है। यह उच्चस्तरीय मुलाकात शनिवार, 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच यह अब तक की सबसे बड़ी और अहम बातचीत मानी जा रही है।
कूटनीति और सुरक्षा का संतुलन
डॉ. गर्गश ने साफ शब्दों में कहा कि यूएई का मानना है कि कूटनीति तभी सबसे ज्यादा असरदार साबित होती है जब उसके पीछे मजबूत और भरोसेमंद सुरक्षा का पहरा हो। ये दोनों चीजें एक साथ मिलकर काम करती हैं। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति द्वारा क्षेत्रीय संकट पर दिए गए बयानों को संतुलित और समझदारी भरा बताया। शिखर सम्मेलन के दौरान शेख खालिद और राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने आपसी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हितों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इलाके में शांति बहाल करने और लंबे समय तक स्थिरता बनाए रखने के लिए तनाव को कम करना बहुत जरूरी है।
ब्रिक्स देशों का साझा बयान और ओमान बैठक
ब्रिक्स के सदस्य के रूप में यूएई और ईरान ने शनिवार को मध्य पूर्व में अधिकतम संयम बरतने की अपील वाले एक साझा बयान पर भी हस्ताक्षर किए। इस घोषणा में आम नागरिकों की सुरक्षा करने, देशों की सीमाओं का सम्मान करने और वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति तथा समुद्री सुरक्षा को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया गया। यह पूरी कूटनीतिक पहल ऐसे समय में सामने आई है जब क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। इसी सिलसिले में 14 सितंबर को ओमान में ईरान, इराक और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्यों की एक बैठक तय की गई है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की सुरक्षा पर चर्चा की जाएगी। इस बीच, बहरीन ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान के साथ उसके कूटनीतिक संबंध फिर से बहाल नहीं हो जाते, वह ओमान की इन बैठकों में हिस्सा नहीं लेगा। इस पूरी आधिकारिक जानकारी के लिए आप WAM की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।