UAE में लेबर नियमों का कड़ा असर, साल 2026 की पहली छमाही में उल्लंघन के मामलों में 15 प्रतिशत की बड़ी गिरावट.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में काम करने वाले लाखों प्रवासियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। देश के श्रम मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि इस साल यानी 2026 की पहली छमाही में प्राइवेट सेक्टर के लेबर लॉ उल्लंघन के मामलों में 15 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है। इस बड़ी कामयाबी के पीछे सरकार की तरफ से उठाए गए कड़े कदम और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल मुख्य वजह रहा है, जिससे कंपनियों पर लगाम कसने में बहुत मदद मिली है।
AI तकनीक और निरीक्षण से हुआ सुधार
UAE Ministry of Human Resources and Emiratisation (MoHRE) ने 10 सितंबर 2026 को यह जानकारी साझा की कि इस दौरान लगभग 212,000 निरीक्षण दौरे किए गए। मंत्रालय ने कंपनियों की जांच के लिए एक स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, डेटा एनालिटिक्स और रिस्क इंडिकेटर्स पर काम करता है। इस सिस्टम की मदद से उन कंपनियों पर विशेष नजर रखी गई जो नियम तोड़ने के मामले में सबसे आगे रहती हैं। इन सख्त चेकिंग अभियानों का सीधा असर आंकड़ों पर देखने को मिला है।
कौन सी समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं
उल्लंघन के मामलों में गिरावट आने के बावजूद कुछ परेशानियां अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। अवैध रूप से लोगों को काम पर रखना, आधिकारिक Wage Protection System (WPS) के जरिए समय पर सैलरी न देना और गलत डेटा जमा करना आज भी सबसे आम उल्लंघन बने हुए हैं। इन समस्याओं का सबसे ज्यादा असर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और फिलीपींस जैसे देशों से आए गरीब प्रवासी मजदूरों पर पड़ता है। हालांकि, स्थिति में सुधार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को भेजे जाने वाले मामलों की संख्या में 49 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। यह आंकड़ा साल 2025 की पहली छमाही में 962 था जो घटकर 2026 में सिर्फ 490 रह गया है।
नया वेतन नियम और कड़े जुर्माने
प्रवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 1 जून 2026 से एक नया वेतन नियम लागू किया है। इसके तहत कंपनियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे पिछले महीने की सैलरी हर ग्रेगोरियन महीने की पहली तारीख को जरूर दें। अगर कोई कंपनी समय पर भुगतान नहीं करती है तो उसे महीने की दूसरी तारीख को आधिकारिक चेतावनी मिल जाती है। इसके बाद भी अगर सैलरी नहीं दी जाती है तो पांचवीं तारीख को नए वर्क परमिट जारी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी जाती है, जब तक कि सारा बकाया पैसा क्लियर नहीं हो जाता। इसके अलावा बिना वैध परमिट के काम पर रखने या परमिट का गलत इस्तेमाल करने पर कंपनियों के लिए AED 100,000 से लेकर AED 1 million तक के भारी जुर्माने का प्रावधान तय किया गया है।
प्रवासी मजदूरों के लिए जरूरी सलाह
श्रम मंत्रालय ने सभी प्रवासियों को सलाह दी है कि वे अपने लेबर कॉन्ट्रैक्ट और अमीरात आईडी को हमेशा अपडेट रखें और सैलरी हमेशा WPS के माध्यम से ही लेने का आग्रह करें। यदि किसी मजदूर के साथ किसी भी तरह का अन्याय होता है या नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो वे MoHRE के मोबाइल ऐप, वेबसाइट या फिर चौबीसों घंटे चालू रहने वाले हेल्पलाइन नंबर 600 590 000 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ये तमाम अपडेट्स साल 2026 में पहले किए गए सुधारों का ही हिस्सा हैं, जिनमें वेतन की समय सीमा तय करने के साथ-साथ 11 तरह के लेबर उल्लंघनों जैसे कि बकाया एंड-ऑफ-सर्विस बेनिफिट्स, ओवरटाइम और हीट-स्ट्रेस के नियमों को सख्ती से लागू करना शामिल है। इन सभी पहलों के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप आधिकारिक MoHRE पोर्टल पर जा सकते हैं।