UAE और लेबनान के बीच हुआ बड़ा बिजनेस समझौता, व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए बना नया काउंसिल।

बेरूत के सीसाइड एरिना में 27 अगस्त 2026 को यूएई और लेबनान बिजनेस फोरम का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों देशों के सरकारी अधिकारियों और प्राइवेट सेक्टर के बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। इस फोरम का मुख्य उद्देश्य व्यापार और निवेश के रिश्तों को और ज्यादा मजबूत करना था, ताकि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके। विदेशी व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जायौदी ने 80 सदस्यीय यूएई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जबकि लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम की तरफ से उप प्रधानमंत्री डॉ. तारेक मित्री ने प्रतिनिधित्व किया। इस कार्यक्रम में लेबनान के कई अन्य मंत्री भी मौजूद रहे, जिन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
फोरम में हुए अहम पैनल डिस्कशन और समझौते
इस बड़े बिजनेस फोरम के दौरान कुल दो मुख्य पैनल चर्चाएं हुईं, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, पुनर्निर्माण और प्राइवेट सेक्टर की भूमिका पर विस्तार से बातचीत की गई। चर्चा के दौरान दोनों देशों के उद्योग जगत के दिग्गजों ने निवेश के नए अवसरों पर अपने विचार रखे और आपसी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए। इस दौरान कुल चार अहम समझौते यानी एमओयू (MoU) साइन किए गए, जो आने वाले समय में दोनों देशों के कारोबार के लिए बहुत फायदेमंद साबित होंगे। राष्ट्रपति आउस के 2025 के अबू धाबी दौरे के बाद संयुक्त यूएई-लेबनान बिजनेस काउंसिल की स्थापना की गई, जिसे इस फोरम में आधिकारिक रूप से आगे बढ़ाया गया। इसके अलावा, अबू धाबी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और बेरूत तथा माउंट लेबनान चैंबर के बीच भी सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
खाद्य सुरक्षा और एग्रीटेक पर विशेष फोकस
समझौतों के इस सिलसिले में एलीट एग्रो होल्डिंग (Elite Agro Holding) ने अमेरिकी यूनिवर्सिटी ऑफ बेरूत के साथ खाद्य सुरक्षा, शुष्क कृषि अनुसंधान और एग्रीटेक इनोवेशन में सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही, ग्रीनहाउस सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करने के लिए जॉर्ज डक्काचे एंड संस के साथ भी एक अन्य समझौते पर मुहर लगी, जिसमें डिजाइन, सप्लाई, और रखरखाव जैसी सुविधाएं शामिल हैं। फोरम के तुरंत बाद संयुक्त यूएई-लेबनान बिजनेस काउंसिल की पहली आधिकारिक बैठक हुई, जिसकी सह-अध्यक्षता डॉ. हमद बुआमिन और वसीम दाहर ने की। इस बैठक में काउंसिल के कामकाज की रूपरेखा तैयार की गई और आने वाले समय में सेक्टर के हिसाब से बिजनेस पहलों को शुरू करने पर चर्चा की गई।