UAE में नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कसा शिकंजा, लेबर नियमों को लेकर सरकार ने जारी किए आंकड़े

Sushma Kumari9 September 20263 min read65 viewsUAE
UAE में नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कसा शिकंजा, लेबर नियमों को लेकर सरकार ने जारी किए आंकड़े

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में नौकरी करने वाले प्रवासियों और वहां की कंपनियों के लिए एक बड़ी और काम की खबर सामने आई है। यूएई के मानव संसाधन और अमीरातकरण मंत्रालय (MoHRE) ने साल 2026 की पहली छमाही के आंकड़े जारी किए हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, इस साल कंपनियों द्वारा लेबर कानूनों का उल्लंघन करने के मामलों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सरकार द्वारा तकनीकी और आधुनिक प्रणालियों के इस्तेमाल से नियमों का पालन काफी आसान और सख्त हो गया है।

मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, साल 2025 की पहली छमाही की तुलना में साल 2026 के पहले छह महीनों में निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा लेबर कानूनों के उल्लंघन में 15 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस सुधार का मुख्य कारण मंत्रालय का आधुनिक निरीक्षण और अनुपालन सिस्टम है। इस पूरे सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स, रिस्क इंडिकेटर्स और जागरूकता अभियानों का सहारा ले रही है।

निरीक्षण टीमों ने कीं 2 लाख से ज्यादा साइट विजिट

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यूएई के मानव संसाधन और अमीरातकरण मंत्रालय (MoHRE) की टीमों ने इस साल के पहले छह महीनों में बहुत सक्रियता से काम किया है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में लगभग 2,12,000 साइट विजिट की गईं। मंत्रालय का स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम इतना आधुनिक है कि वह पहले से ही उन कंपनियों और गतिविधियों की पहचान कर लेता है जहां नियमों के उल्लंघन का जोखिम सबसे ज्यादा होता है। इससे निरीक्षण टीमों को सही जगह पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिली और काम करने की क्षमता में सुधार आया।

गंभीर मामलों में भी आई बड़ी कमी

कानूनी कार्रवाई के मोर्चे पर भी राहत भरी खबर है। जिन मामलों को गंभीर उल्लंघन के बाद पब्लिक प्रोसिक्यूशन (सरकारी अभियोजन) के पास भेजा जाता था, उनमें इस बार 49 प्रतिशत की भारी कमी देखी गई है। साल 2025 के पहले छह महीनों में जहां 962 मामले सरकारी अभियोजन के पास भेजे गए थे, वहीं साल 2026 की इसी अवधि में यह घटकर केवल 490 मामले रह गए हैं। यह इस बात का साफ संकेत है कि अब कंपनियां गंभीर नियमों के उल्लंघन से बच रही हैं और कानून का पालन कर रही हैं।

कंपनियां सबसे ज्यादा कहां कर रही थीं गलतियां

मंत्रालय ने उन सामान्य गलतियों की भी पहचान की है जो अक्सर कंपनियां करती हैं। जांच के दौरान जो मुख्य कमियां पाई गईं, वे इस प्रकार हैं:

  • बिना जरूरी परमिट या वैध वीज़ा के कामगारों को नौकरी पर रखना।
  • वेतन सुरक्षा प्रणाली यानी Wage Protection System (WPS) के नियमों का पालन न करना और समय पर सैलरी न देना।
  • जांच के दौरान मंत्रालय के सामने गलत या नकली दस्तावेज जमा करना।

मंत्रालय की कंपनियों और प्रवासियों को सलाह

मंत्रालय ने निजी क्षेत्र के सभी नियोक्ताओं (Employers) को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी भी कामगार को काम पर रखने से पहले सभी आवश्यक सरकारी परमिट जरूर हासिल करें। इसके अलावा, सभी कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान WPS प्रणाली के माध्यम से ही किया जाना चाहिए ताकि सभी के अधिकारों की रक्षा हो सके और भारी जुर्माने या कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। मंत्रालय अपनी निरीक्षण प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए लगातार डिजिटल टूल्स का विस्तार कर रहा है ताकि प्रवासियों और नियोक्ताओं दोनों के हितों की रक्षा की जा सके।

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