UAE और मंगोलिया के बीच बड़ी डील, क्लीन एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन के लिए हुआ समझौता

Sushma Kumari11 September 20262 min read27 viewsUAE
UAE और मंगोलिया के बीच बड़ी डील, क्लीन एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन के लिए हुआ समझौता

यूएई और मंगोलिया ने मिलकर पर्यावरण को बचाने और ऊर्जा के क्षेत्र में नया कदम उठाया है। 11 सितंबर 2026 को दुबई में दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर मुहर लगी है। इस एमओयू के जरिए दोनों देश मिलकर क्लीन एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर में काम करेंगे ताकि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सके।

दुबई में साइन हुआ समझौता

यह आधिकारिक समझौता UAE Ministry of Energy and Infrastructure और मंगोलिया के ऊर्जा मंत्रालय के बीच हुआ है। दुबई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यूएई के ऊर्जा और बुनियादी ढांचा मंत्री Suhail bin Mohammed Al Mazrouei और मंगोलिया के उप प्रधान मंत्री Togmid Dorjkhand ने इस कागजात पर हस्ताक्षर किए। इस डील का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच तजुर्बे का आदान-प्रदान करना और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है।

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मंत्री अल मजरोई ने बातचीत के दौरान बताया कि यह साझेदारी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि मंगोलिया के पास रिन्यूएबल एनर्जी की जो क्षमता है, उसका सही इस्तेमाल करके देश में आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। यूएई अपनी तरफ से मंगोलिया को क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को विकसित करने में पूरी मदद करेगा ताकि वहां के ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाई जा सके।

साझेदारी के मुख्य बिंदु

इस समझौते के तहत तकनीकी ज्ञान को साझा करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाएगा। साथ ही निवेश के नए मौकों की तलाश की जाएगी और ऊर्जा के बुनियादी ढांचे में प्राइवेट सेक्टर के लोगों को भी शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसमें ऊर्जा संक्रमण रणनीतियों पर मिलकर काम करना, मंगोलिया के अंदर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स तैयार करना और खास ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाना शामिल है।

संयुक्त कार्य समूह का गठन

इन सभी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए दोनों सरकारों ने एक ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप यानी संयुक्त कार्य समूह बनाने का फैसला किया है। यह समूह उन क्षेत्रों की पहचान करेगा जहां सबसे पहले काम शुरू होना चाहिए। इसके अलावा यह टीम प्रोजेक्ट्स की रूपरेखा और उसकी सफलता की जांच करेगी ताकि दोनों देशों के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में रिश्ते और ज्यादा मजबूत हो सकें।

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