UAE का बड़ा कदम, नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के लिए 10 मिलियन डॉलर की तत्काल मदद का ऐलान.

Nura Basta27 August 20262 min read86 viewsUAE
UAE का बड़ा कदम, नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के लिए 10 मिलियन डॉलर की तत्काल मदद का ऐलान.

यूनाइटेड अरब एमिरेट्स यानी UAE ने नेपाल में बाढ़ और लैंडस्लाइड से प्रभावित लोगों के लिए मदद का बड़ा हाथ बढ़ाया है। यूएई सरकार ने आपदा पीड़ितों के लिए US$10 million यानी करीब 1 करोड़ डॉलर की भारी-भरकम राशि बतौर मानवीय सहायता देने का फैसला किया है। इस विनाशकारी आपदा में नेपाल के अंदर दर्जनों लोगों की जान चली गई है, कई लोग घायल हुए हैं और बहुत से लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा वहां बड़े पैमाने पर घरों और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।

यूएई राष्ट्रपति के आदेश पर मिला फंड

यह राहत पैकेज यूएई के राष्ट्रपति महामहिम Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan के सीधे आदेशों के बाद शुरू किया गया है। राष्ट्रपति के निर्देश मिलते ही देश के प्रशासनिक महकमे ने तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए। यह पूरी फंडिंग UAE Aid Agency के माध्यम से सीधे नेपाल पहुंचाई जा रही है, ताकि समय रहते पीड़ित परिवारों तक जरूरत का सामान पहुंचाया जा सके और उनकी मुश्किलों को थोड़ा कम किया जा सके।

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UAE Aid Agency के चेयरमैन Dr. Tareq Ahmed Al Amiri ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता दिखाने और वैश्विक मानवीय संकटों में सबसे आगे रहकर मदद करने की यूएई की पुरानी नीति का हिस्सा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जब भी दुनिया में कहीं भी प्राकृतिक आपदा आती है, तो सभी देशों को मिलकर पीड़ित समुदायों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।

स्थानीय अधिकारियों और संगठनों के साथ समन्वय

डॉ. तारिक अहमद अल अमिरी ने आगे बताया कि उनकी एजेंसी इस समय नेपाल के स्थानीय प्रशासन और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर लगातार काम कर रही है। इस बात की पूरी कोशिश की जा रही है कि राहत सामग्री बिना किसी रुकावट के सीधे उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इस पूरी प्रक्रिया में महिलाओं, पुरुषों और विशेष रूप से बच्चों की जरूरतों को सबसे ऊपर रखा जा रहा है, ताकि आपदा के इस मुश्किल समय में किसी भी पीड़ित परिवार को असुविधा का सामना न करना पड़े।

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