Nepal Flood Relief: नेपाल में आई भयंकर बाढ़ के बाद मदद के लिए उतरा UAE, शुरू किया बचाव अभियान

नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद मची तबाही से निपटने के लिए यूएई का सर्च एंड रेस्क्यू टीम मैदान में उतर गया है। नेपाल के रसुवा क्षेत्र में यूएई की टीम ने स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए अपना जमीनी काम शुरू कर दिया है। यूएई की यह टीम शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को नेपाल पहुँची थी और रविवार, 6 सितंबर 2026 से इसने अपना काम पूरी तरह से चालू कर दिया है। इस आपदा के बाद वहाँ के हालात बहुत खराब हैं और लोगों को बचाने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है।
यूएई रिलीफ ऑपरेशंस का बड़ा कदम
यूएई रिलीफ ऑपरेशंस के डायरेक्टर हमौद अल अफरी ने बताया कि यह कदम इस बात को दिखाता है कि यूएई संकट के समय दूसरे देशों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है। अल अफरी ने साफ़ किया कि उनकी टीम नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में मदद पहुँचाई जा सके। लापता लोगों को जल्दी ढूँढने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि बचाव कार्य में कोई देरी न हो। इस पूरी राहत मुहिम में यूएई ज्वाइंट ऑप्स कमांड, दुबई पुलिस के बचाव विशेषज्ञ और कई मानवीय मामलों के एक्सपर्ट शामिल हैं।
आधुनिक तकनीक और ड्रोन का इस्तेमाल
बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल के कई दूर-दराज के गाँवों तक पहुँचना बहुत मुश्किल हो गया है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए यूएई की टीम आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर रही है। राहत कार्यों में मदद के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है, जिससे आसमान से तस्वीरें ली जा रही हैं। इन ड्रोन्स की मदद से थ्री-डी मैप यानी त्रिविमीय नक्शे तैयार किए जा रहे हैं, जिससे उन जगहों की पहचान की जा रही है जहाँ पहुँचना आम रास्ते से मुमकिन नहीं है। यह सारी कार्रवाई यूएई एड एजेंसी के सहयोग से चल रही है।
राष्ट्रपति के निर्देश पर करोड़ों की मदद
यूएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के आदेश के बाद यूएई ने नेपाल के लिए 10 मिलियन डॉलर यानी भारी भरकम राहत राशि देने का ऐलान किया है। इस मानवीय पहल के तहत अब तक कुल 148 टन জরুরি सामान नेपाल भेजा जा चुका है। इसमें खाने-पीने की चीजें और रहने के लिए तंबू जैसी राहत सामग्री शामिल है, जिसे तीन विमानों के जरिए नेपाल पहुँचाया गया है। इस पूरी जानकारी के बारे में विस्तार से आप WAM की आधिकारिक रिपोर्ट में देख सकते हैं।
बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से नेपाल का बुनियादी ढांचा बुरी तरह टूट चुका है, जिससे राहत पहुँचाने वाली टीमों को रास्तों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद यूएई की टीम स्थानीय प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है ताकि जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य किया जा सके और पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके।