UAE की कड़ी निंदा, ईरान द्वारा जॉर्डन पर किए गए मिसाइल हमले को बताया देश की सुरक्षा पर खतरा

Sushma Kumari9 September 20263 min read32 viewsUAE
UAE की कड़ी निंदा, ईरान द्वारा जॉर्डन पर किए गए मिसाइल हमले को बताया देश की सुरक्षा पर खतरा

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने हाल ही में एक कड़ा बयान जारी किया है जिसमें 9 सितंबर 2026 को जॉर्डन पर ईरान द्वारा किए गए hostile मिसाइल हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई है। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद से ही खाड़ी देशों में तनाव का माहौल देखा जा रहा है और आम लोग तथा वहां रहने वाले प्रवासी भी इस सुरक्षा स्थिति को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप WAM News की आधिकारिक रिपोर्ट देख सकते हैं, जिसमें इस बात की पूरी पुष्टि की गई है कि यूएई सरकार इस मामले में जॉर्डन के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है।

विदेश मंत्रालय का सख्त बयान और जॉर्डन को पूरा समर्थन

UAE Ministry of Foreign Affairs (MoFA) की तरफ से जारी किए गए बयान में साफ तौर पर कहा गया है कि यह हमला जॉर्डन की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है और यह देश की सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए एक सीधा खतरा पैदा करता है। यूएई सरकार ने जॉर्डन के साथ अपनी पूरी एकजुटता दोहराई है और अमन यानी जॉर्डन की सरकार द्वारा अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को बचाने के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का पूरा समर्थन करने की बात कही है। इस बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए आप MoFA Official Portal पर जा सकते हैं, जहां सरकारी रुख को विस्तार से साझा किया गया है।

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रात के समय दागी गईं 20 बैलिस्टिक मिसाइलें

यह पूरी घटना 8 और 9 सितंबर की दरमियानी रात को घटी जब ईरान की तरफ से कुल 20 बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की गईं। इस हमले की जिम्मेदारी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने ली और दावा किया कि उनका निशाना अल-अजraq के पास स्थित एक अमेरिकी बेस पर था जिसे वे एक सजा देने वाला ऑपरेशन बता रहे थे। गनीमत यह रही कि जॉर्डन की सेना यानी Jordan Armed Forces (JAF) के एयर डिफेंस सिस्टम ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से 18 मिसाइलों को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। बाकी बची हुई 2 मिसाइलें खाली इलाकों में जाकर गिरीं, जिसके कारण किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ और सभी लोग सुरक्षित रहे। इस सैन्य कार्रवाई के बारे में अधिक जानकारी WAM Report पर उपलब्ध है।

क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका की कड़ी चेतावनी

मालूम हो कि यह पूरा मिसाइल हमला अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM द्वारा 8 सितंबर को की गई उस कार्रवाई के बाद सामने आया है, जिसमें अमेरिका ने पहले किए गए ईरानी मिसाइल हमलों के जवाब में ईरान के 5 कच्चे तेल के टैंकरों को नष्ट कर दिया था। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ चेतावनी दी है कि यदि ईरान की तरफ से धमकियां और हमले बंद नहीं हुए तो अमेरिकी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए लगातार जवाबी कार्रवाई जारी रखी जाएगी। दूसरी तरफ ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के इन कदमों को बेहद खतरनाक और तनाव को बढ़ाने वाला बताया है, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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