यूएई तट पर तेल टैंकर पर ड्रोन हमला, 22 भारतीय नाविक सुरक्षित
शारजाह एंकोरेज में खड़े पनामा-ध्वज तेल टैंकर MT GEM NO. 2 पर ड्रोन जैसे हमले में आग लगी। सभी 22 भारतीय चालक दल सुरक्षित हैं, जानिए पूरी जानकारी।

यूएई के तट से लगभग 13 नॉटिकल मील पश्चिम में, अल जज़ीरा के पास शारजाह एंकोरेज में लंगर डाले खड़े एक विशाल तेल टैंकर पर 9 अक्टूबर 2026 को हमला हुआ। हमला किसी अज्ञात प्रक्षेप्य से हुआ, जिसे ड्रोन हमले की आशंका के तौर पर देखा जा रहा है। जहाज़ पर आग लग गई, जिसे बाद में बुझा लिया गया। राहत की बात यह है कि जहाज़ पर सवार सभी 22 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
हमले की जानकारी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने दी। जिस जहाज़ पर यह हमला हुआ, वह MT GEM NO. 2 है, जो पनामा के झंडे के तहत चलता है। यह 2017 में बना एक बहुत बड़ा कच्चा तेल वाहक (VLCC) है, जिसकी लंबाई 330 मीटर है और डेडवेट क्षमता 3 लाख 2 हज़ार टन से भी ज़्यादा है। इसका मालिकाना हक ताइपे स्थित Gem No. 2 Maritime Corp के पास है, जबकि इसका प्रबंधन Global Energy Maritime करती है।
भारत सरकार ने क्या कहा
केंद्रीय बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर पुष्टि की कि जहाज़ पर मौजूद सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय अधिकारी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और जहाज़ की प्रबंधन कंपनी के संपर्क में हैं, ताकि चालक दल की सुरक्षा और भलाई बनी रहे। विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय शिपिंग प्राधिकरण भी स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।
अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है। यह घटना होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाहर हुई है। सुरक्षा विशेषज्ञ इसे इलाके में समुद्री खतरों में बड़े उछाल के तौर पर देख रहे हैं, जो फरवरी 2026 में शुरू हुए पश्चिम एशिया के संघर्ष से जुड़ा माना जा रहा है। हाल के हफ्तों में इस इलाके में वाणिज्यिक जहाज़ों पर कई हमले हुए हैं, जिनमें भारतीय नाविक भी शामिल रहे हैं।
इस घटना के बाद परिवारों और संबंधित पक्षों की ओर से भारतीय कर्मियों के लिए बेहतर सुरक्षा उपायों की माँग फिर तेज़ हो गई है। मंत्रालय और शिपिंग अधिकारियों ने भी दोहराया है कि व्यापारिक जहाज़ों के रास्तों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग ज़रूरी है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि इतने बड़े हमले के बावजूद कोई भारतीय नाविक जान से नहीं गया।