UAE और US अधिकारियों की अबू धाबी में हुई अहम बैठक, वैश्विक सहिष्णुता और सुरक्षा पर हुई खास चर्चा।

संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक बड़ी बैठक 4 सितंबर 2026 को Abu Dhabi में आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और वैश्विक स्तर पर सहिष्णुता, शांति और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने को लेकर विस्तार से बातचीत की। दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में चल रही साझेदारी की तारीफ की गई और इसे आने वाले समय में और आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया ताकि क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को कायम रखा जा सके।
सहिष्णुता और आपसी संवाद को बढ़ावा देने पर जोर
इस मुलाकात के दौरान बातचीत का एक बड़ा हिस्सा दुनिया भर में सहिष्णुता, आपसी भाईचारे और अलग-अलग धर्मों व संस्कृतियों के बीच संवाद बढ़ाने पर केंद्रित था। अधिकारियों ने इस बात पर खास तौर पर चर्चा की कि कैसे मिलकर नफरत फैलाने वाले भाषणों, कट्टरता, यहूदी-विरोधी भावना और भेदभाव का मुकाबला किया जा सकता है। बैठक में शामिल नेताओं का मानना था कि दुनिया भर के समुदायों और लोगों के बीच दूरियां मिटाने के लिए आपसी सम्मान और बातचीत सबसे जरूरी हथियार हैं।
फेडरल नेशनल काउंसिल यानी FNC की डिफेंस, इंटीरियर और फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन Dr. Ali Rashid Al Nuaimi ने इस बैठक में हिस्सा लिया और मानवाधिकारों व विविधता के सम्मान के प्रति देश की पुरानी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक समझ को बेहतर बनाने के लिए लगातार बातचीत होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कट्टरता से निपटने और पूरी दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए संयुक्त रूप से कदम उठाने की अपील की ताकि आम लोगों का जीवन सुरक्षित और बेहतर बन सके।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी हुई चर्चा
अधिकारियों ने बैठक में आपसी हित से जुड़े कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर भी खुलकर विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा और तरक्की के लिए कूटनीति, तनाव को कम करने के उपायों और स्थायी शांति को बढ़ावा देना बेहद आवश्यक है। इस बैठक में अमेरिकी विशेष दूत Ambassador Rabbi Yehuda Kaploun भी मौजूद रहे, जो अमेरिका की तरफ से यहूदी-विरोधी गतिविधियों पर नजर रखने और उनका मुकाबला करने की जिम्मेदारी संभालते हैं।