UAE में टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव, वित्त मंत्रालय ने वैट कानून को लेकर जारी किया नया आदेश

यूएई के वित्त मंत्रालय ने देश में टैक्स प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए एक नया और बड़ा कदम उठाया है। 8 सितंबर 2026 को मंत्रालय ने कैबिनेट का एक नया फैसला जारी किया है, जिसका नंबर Cabinet Decision No. (149) of 2026 है। इस फैसले के तहत साल 2017 के फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 8 के नियमों में कुछ जरूरी बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का मुख्य मकसद टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाओं को साफ-सुथरा बनाना और देश के टैक्स सिस्टम को दुनिया भर के बेहतरीन तरीकों के बराबर लाना है ताकि किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
नया नियम आने के बाद से कारोबारियों और आम टैक्स देने वाले लोगों के लिए प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। मंत्रालय के मुताबिक इससे लोग अपनी मर्जी से और बिना किसी परेशानी के टैक्स नियमों का पालन कर सकेंगे और टैक्स से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी। इस अपडेट के बाद मेडिकल उत्पादों के आयात और उनकी सप्लाई से जुड़े नियमों में तकनीकी बदलाव किए गए हैं, जो देश के नए हेल्थकेयर ढांचे के हिसाब से बिल्कुल ठीक बैठते हैं। इसके अलावा कर्मचारियों के रहने की जगह यानी एम्प्लॉई Accommodation को लेकर भी नियमों को पूरी तरह साफ किया गया है ताकि इनपुट टैक्स रिकवरी में कोई दिक्कत न आए।
कैपिटल एसेट्स और सिंगल सप्लाई पर नए नियम
इस नए बदलाव में Capital Assets Scheme के दायरे को भी पूरी तरह स्पष्ट किया गया है ताकि मौजूदा वैट कानून के साथ तालमेल बना रहे। इसके साथ ही इनपुट टैक्स अपोर्शनमेंट के तरीके को भी बेहतर बनाया गया है ताकि अलग-अलग बिजनेस करने वाले लोगों को आसानी हो, हालांकि चैरिटी और सरकारी विभागों के लिए पुराने नियम ही लागू रहेंगे। नए रेगुलेशन में सिंगल कंपोजिट सप्लाई के लिए भी खास प्रावधान जोड़े गए हैं जो उनके आर्थिक आधार पर तय होंगे।
नकद भुगतान पर सख्ती और टैक्स चोरी रोकने के उपाय
सरकार ने टैक्स चोरी को रोकने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब अगर कोई नकद यानी कैश पेमेंट तय सीमा से ज्यादा करता है, तो उसे इनपुट टैक्स वापस मिलने में दिक्कत आ सकती है। इस सीमा को लेकर आने वाले समय में वित्त मंत्री की तरफ से एक और नया आदेश जारी किया जाएगा। मंत्रालय का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और टैक्स भरने वाले लोगों के लिए नियमों को आसान बनाने के वास्ते समय-समय पर किए जाने वाले बदलावों का हिस्सा है।