UK Contracts: ब्रिटेन सरकार के 2.1 अरब पाउंड के ठेके विवादों में, सेटलमेंट कंपनियों से जुड़ा मामला.

अल जज़ीरा की एक हालिया रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि वेस्ट बैंक की अवैध बस्तियों से जुड़ी कम से कम 17 कंपनियों के पास इस समय ब्रिटेन के सार्वजनिक क्षेत्र के 2.1 अरब पाउंड यानी करीब 2.85 अरब डॉलर के ठेके मौजूद हैं। इस खुलासे के बाद से ब्रिटेन की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और लेबर पार्टी की नीतियों पर सवाल उठने लगे हैं। आम आदमी से जुड़ी इस बड़ी खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से विवाद खड़ा कर दिया है कि किस तरह से सरकारी कामकाज और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के बीच टकराव की स्थिति बन रही है।
यूके सरकार पर बढ़ता दबाव और राजनीतिक घमासान
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्बर पर दबाव काफी बढ़ गया है और वह अगले महीने होने वाले लेबर पार्टी के वार्षिक सम्मेलन से पहले इन बस्तियों से जुड़े सामानों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं। इस संभावित नीतिगत बदलाव के कारण सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के भीतर ही मतभेद साफ नजर आने लगे हैं। पार्टी के 140 से अधिक सांसदों ने पूरी तरह से व्यापारिक प्रतिबंध लगाने की मांग की है, जबकि लेबर फ्रेंड्स ऑफ इज़राइल समूह ने चेतावनी दी है कि बस्तियों के उत्पादों और अन्य इज़राइली सामानों के बीच फर्क करना बेहद मुश्किल होगा और यह एक तरह का अघोषित बहिष्कार साबित हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय कानून और यूके सरकार की भूमिका
ब्रिटेन सरकार आधिकारिक तौर पर यह मानती है कि इज़राइली बस्तियां अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध हैं, लेकिन इस जांच से उसकी खरीद-फरोख्त की नीतियों में विरोधाभास साफ दिखाई देता है। इस महीने की शुरुआत में सरकार ने व्यवसायों को इन क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के लिए 'कानूनी और प्रतिष्ठा से जुड़े परिणामों' के प्रति आगाह किया था। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रोफेसर स्टीफन हम्फ्रीज़ ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा चिन्हित अवैध बस्तियों की मदद करने वाली संस्थाओं के साथ अनुबंध करके ब्रिटेन अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का उल्लंघन कर रहा है। इसके अलावा, लेबर पार्टी के पूर्व नेता जेरेमी कॉर्बिन ने सरकार के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि इन खुलासों से यह साबित होता है कि ब्रिटेन रंगभेद का समर्थन कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की डेटाबेस सूची
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद उन कंपनियों का एक डेटाबेस तैयार करती है जो इस तरह की बस्तियों में कारोबार करती हैं। वर्ष 2025 में इस सूची को अपडेट किया गया था, जिसमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, पुर्तगाल, नीदरलैंड और लक्जमबर्ग सहित विभिन्न देशों की कुल 158 कंपनियां शामिल हैं। इस पूरे मामले में अमेरिकी तकनीकी और संचार फर्म मोटोरोला सॉल्यूशंस जैसी बड़ी संस्थाएं भी शामिल हैं, जिनके पास कुल 125 अनुबंध पहचाने गए हैं। इस पूरी स्थिति पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में ब्रिटेन सरकार को इस पर कोई कड़ा कदम उठाना पड़ सकता है ताकि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।