ब्रिटेन ने ईरान पर लगाया बड़ा प्रतिबंध, भड़के ईरान ने दी चेतावनी, कहा दोनों देशों में बढ़ेगा अविश्वास

Praggya Singh sabal9 September 20263 min read39 viewsWorld
ब्रिटेन ने ईरान पर लगाया बड़ा प्रतिबंध, भड़के ईरान ने दी चेतावनी, कहा दोनों देशों में बढ़ेगा अविश्वास

लंदन में मौजूद ईरान के दूतावास ने यूनाइटेड किंगडम (UK) सरकार द्वारा ईरान पर लगाए गए नए और कड़े प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की है। ईरान ने ब्रिटेन के इस कदम को पूरी तरह से अवैध और दोनों देशों के आपसी हितों के खिलाफ बताया है। ईरानी दूतावास ने चेतावनी दी है कि ब्रिटेन की इस नई नीति से दोनों देशों के बीच अविश्वास और ज्यादा गहरा हो जाएगा। ब्रिटेन सरकार ने हाल ही में 8 सितंबर 2026 को इन नए प्रतिबंधों की घोषणा की थी, जिन्हें आधिकारिक तौर पर 29 सितंबर 2026 से लागू कर दिया जाएगा। इस फैसले के बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है।

ब्रिटेन ने क्यों उठाए ये सख्त कदम

यूनाइटेड किंगडम के विदेश राज्य मंत्री Stephen Doughty ने इस नए कानून की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस नए कानून का नाम "The Iran (Sanctions) (Amendment) Regulations 2026" रखा गया है। यह कानून पुराने साल 2019 और 2023 के नियमों में बदलाव करके बनाया गया है ताकि ईरान के खिलाफ व्यापारिक और वित्तीय प्रतिबंधों को बहुत बड़े पैमाने पर बढ़ाया जा सके। ब्रिटिश मंत्री के अनुसार, इन प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रमों और उसकी महत्वाकांक्षाओं पर लगाम लगाना है ताकि वह कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। इस बारे में अधिक जानकारी ब्रिटेन सरकार के आधिकारिक बयान UK Government Written Ministerial Statement में देखी जा सकती है।

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कौन-कौन से क्षेत्रों पर पड़ेगा इसका असर

ब्रिटेन द्वारा लागू किए जा रहे इन नए नियमों के तहत ईरान के कई महत्वपूर्ण उद्योगों को निशाना बनाया गया है। इसमें ऊर्जा, धातु, बैंकिंग, बीमा और शिपिंग जैसे बड़े सेक्टर्स शामिल हैं। इस नए कानून के तहत अब ईरान से जुड़ी किसी भी कंपनी या संस्था को लोन देने, क्रेडिट सुविधा देने, निवेश करने और banking संबंध रखने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, ईरान से संबंधित किसी भी काम के लिए इंश्योरेंस यानी बीमा सेवाओं पर भी प्रतिबंध रहेगा। व्यापारिक प्रतिबंधों के दायरे को बढ़ाते हुए इसमें अब सोना, हीरा, कीमती धातुएं, पेट्रोकेमिकल्स और प्राकृतिक गैस को भी शामिल कर लिया गया है। इस बारे में ब्रिटेन के आधिकारिक एक्सपोर्टर नोटिस Notice to Exporters 2026 पर भी विस्तृत जानकारी दी गई है।

परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ा तनाव

ब्रिटिश सरकार ने दावा किया है कि ईरान ने अब तक 400 किलोग्राम से अधिक यूरेनियम को 60% तक समृद्ध (enrich) कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि बिना परमाणु हथियार वाले देशों में ईरान एकमात्र ऐसा देश बन गया है जिसने इतने ऊंचे स्तर तक यूरेनियम का संवर्धन किया है। इसी वजह से ब्रिटेन ने अपनी सुरक्षा एजेंसियों को उन सभी समुद्री जहाजों पर कार्रवाई करने के अधिकार दे दिए हैं जो ईरान की परमाणु गतिविधियों या किसी भी तरह की शत्रुतापूर्ण हरकतों में मदद करते हैं। इसके अलावा, ईरान के विमानों के ब्रिटेन में लैंड करने पर पुराना प्रतिबंध पहले की तरह ही जारी रहेगा। इस संबंध में अधिक तकनीकी विवरण Iran Sanctions Amendments Guide पर उपलब्ध कराया गया है।

अजरबैजान को मिली विशेष छूट और अंतरराष्ट्रीय दबाव

हालांकि ब्रिटेन ने नए नियमों के तहत उन सभी प्रतिबंधों को दोबारा लागू कर दिया है जिन्हें साल 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) के तहत हटाया गया था, लेकिन इसमें एक बड़ी छूट भी दी गई है। अजरबैजान में मौजूद शाह डेनिज़ (Shah Deniz) गैस फील्ड के संचालन को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए इस नए कानून में एक विशेष लाइसेंस छूट दी गई है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और उसके यूरोपीय साझेदार देश (E3) लगातार अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स पर दबाव बना रहे हैं कि ईरान के मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में भेजा जाए। इससे पहले 7 सितंबर 2026 को IAEA के महानिदेशक Rafael Grossi ने बयान दिया था कि ईरान तब तक एजेंसी के साथ सहयोग नहीं करेगा जब तक कि राजनीतिक बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं होती।

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