UK और Israel के बीच बढ़ा तनाव, पूर्व लेबर लीडर Jeremy Corbyn ने बैन को बताया बेतुका.

Nura Basta9 September 20262 min read34 viewsWorld
UK और Israel के बीच बढ़ा तनाव, पूर्व लेबर लीडर Jeremy Corbyn ने बैन को बताया बेतुका.

ब्रिटेन और इसराइल के रिश्तों में इन दिनों भारी तनाव देखने को मिल रहा है, जब स्वतंत्र ब्रिटिश सांसद और लेबर पार्टी के पूर्व नेता Jeremy Corbyn ने इसराइल के उस फैसले को पूरी तरह से खारिज कर दिया जिसमें उनके देश में प्रवेश पर रोक लगाई गई है। अल जज़ीरा को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस प्रतिबंध को पूरी तरह से बेतुका करार दिया। वह उन 11 से 12 ब्रिटिश सांसदों के समूह में शामिल हैं जिन्हें कथित यहूदी विरोधी और इसराइल विरोधी गतिविधियों के आरोप में इसराइल में घुसने से प्रतिबंधित किया गया है।

UK सरकार का बड़ा कदम और प्रतिबंध

यह पूरा मामला तब और गरमा गया जब ब्रिटेन की नीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। विदेश सचिव Ed Miliband ने 8 सितंबर 2026 को इस बात की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री Andy Burnham के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सरकार ने वेस्ट बैंक की अवैध इसराइली बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके अलावा उन हथियारों के लाइसेंस को भी निलंबित कर दिया गया है जो इस कब्जे में मदद करते हैं।

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Jeremy Corbyn ने इन कदमों को एक शुरुआती और अच्छा कदम जरूर बताया, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि यह नाकाफी है। उन्होंने ब्रिटिश सरकार से मांग की कि हथियारों की बिक्री और सैन्य सहयोग को पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि ब्रिटेन को गाजा में इसराइल की कार्रवाइयों को नरसंहार के रूप में औपचारिक रूप से स्वीकार करना चाहिए और इसमें ब्रिटिश मिलीभगत की आशंका पर एक सार्वजनिक जांच बिठानी चाहिए।

अन्य सांसदों पर भी लागू हुआ बैन

इसराइल सरकार के इस सख्त फैसले की चपेट में सिर्फ Jeremy Corbyn ही नहीं आए हैं, बल्कि उनके साथ कई अन्य जाने-माने ब्रिटिश सांसद भी शामिल हैं। इस सूची में Zarah Sultana, Naz Shah, Diane Abbott, John McDonnell, Richard Burgon, Carla Denyer, Adrian Ramsay, Ellie Chowns, Sian Berry और Hannah Spencer के नाम भी प्रमुखता से आते हैं। इन सभी को इसराइल ने अपनी सीमा में आने से रोक दिया है। Corbyn का मानना है कि ब्रिटेन को अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना चाहिए और इसराइल पर अपनी कब्जा नीति को खत्म करने का दबाव लगातार बढ़ाना चाहिए।

इसराइल की तीखी प्रतिक्रिया

ब्रिटेन के इन नए प्रतिबंधों के बाद इसराइल की तरफ से भी कड़ा रुख अपनाया गया है। ब्रिटेन के इस फैसले का समर्थन कनाडा, फ्रांस, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, आयरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्वीडन जैसे देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर किया था। इस पर इसराइली विदेश मंत्री Gideon Saar ने ब्रिटिश सरकार के रुख को सरासर झूठ और खुले तौर पर दखलअंदाजी करार दिया। इसके जवाब में इसराइली सरकार ने यरुशलम में ब्रिटिश कौंसलेट को बंद करने का आदेश दे दिया है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय गाजा सहायता केंद्र से ब्रिटिश प्रतिनिधियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है और फलस्तीनी बलों को दी जाने वाली ब्रिटिश ट्रेनिंग को भी हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है।

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