UK Public Contracts: यूके सरकार के 2.1 अरब पाउंड के सरकारी ठेके अवैध इस्रायली बस्तियों से जुड़े, जांच में हुआ बड़ा खुलासा.

अल जज़ीरा की एक बड़ी जांच रिपोर्ट सामने आई है जिसमें यह बात सामने आई है कि यूके यानी यूनाइटेड किंगडम में सार्वजनिक क्षेत्र के कुल 125 ठेके ऐसे हैं जो इस्राइल की अवैध बस्तियों से जुड़े हुए हैं। इन सभी ठेकों की कुल कीमत लगभग 2.129 बिलियन पाउंड यानी करीब £2.1 billion बताई जा रही है। इस सनसनीखेज खुलासे को पत्रकार Caolán Magee ने 6 सितंबर 2026 को सबके सामने रखा। इस पूरी जानकारी को सार्वजनिक खरीद रिकॉर्ड, कंपनियों की फाइलिंग और सार्वजनिक खरीद विश्लेषक Tussell के डेटा की मदद से निकाला गया है।
यह पूरा मामला ऐसे समय पर सामने आया है जब यूके सरकार पर इस बात को लेकर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है कि वह इस मामले में कोई ठोस कदम उठाए। विदेश सचिव Ed Miliband ने 1 सितंबर 2026 को यह घोषणा की थी कि ब्रिटेन जल्द ही बस्तियों को लेकर कई तरह के सख्त उपायों की एक व्यापक रूपरेखा पेश करेगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से E1 project की कड़ी निंदा की क्योंकि इससे एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश बनने की उम्मीदों को बहुत बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। इसके अलावा जुलाई 2024 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय यानी International Court of Justice ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए यह कहा था कि फिलिस्तीनी जमीन पर इस्राइल की मौजूदगी पूरी तरह से गैरकानूनी है। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रोफेसर Stephen Humphreys का यह कहना है कि इन व्यावसायिक समझौतों की वजह से ब्रिटेन अंतरराष्ट्रीय नियमों और अपने दायित्वों का उल्लंघन कर रहा है।
किन बड़ी कंपनियों के नाम आए सामने
जांच में यह बात साफ हुई है कि इसमें कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं जो इन बस्तियों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं। इसमें सबसे बड़ा नाम Motorola Solutions का आता है जो अपनी सहायक कंपनी Airwave Solutions के जरिए अकेले 1.7 बिलियन पाउंड से ज्यादा के ठेके संभालती है। संयुक्त राष्ट्र यानी UN के रिकॉर्ड के अनुसार इस तकनीक का इस्तेमाल बस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में किया जाता है। इसके अलावा जिन दूसरी कंपनियों के नाम सामने आए हैं उनमें Fosun International शामिल है जो Mitzpe Shalem बस्ती में काम करने वाले Ahava ब्रांड से जुड़ी है।
सूची में Heidelberg Materials का नाम भी शामिल है जिसकी सहायक कंपनी Hanson Israel ने पहले फिलिस्तीनी जमीन पर Nahal Raba quarry का संचालन किया था। इसके अलावा Egis नामक कंपनी यरुशलम की लाइट-रेल नेटवर्क के लिए सलाहकार के रूप में काम करती है और CAF कंपनी पूर्वी यरुशलम में लाइट-रेल के विस्तार से जुड़ी परियोजनाओं में अपनी हिस्सेदारी रखती है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के पास एक डेटाबेस मौजूद है जिसे साल 2025 में अपडेट किया गया था और इसमें कुल 158 ऐसी कंपनियों के नाम दर्ज हैं जो इन बस्तियों के कारोबार में शामिल हैं।
राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
इस खुलासे के बाद से ब्रिटेन की राजनीति में भी भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। लेबर पार्टी के 140 से ज्यादा सांसदों ने प्रधानमंत्री Andy Burnham पर इस बात का दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि वे देश में व्यापार प्रतिबंध यानी ट्रेड बैन लागू करें। जनता के बीच भी इसको लेकर बहस छिड़ गई है और 3 सितंबर 2026 को कराए गए एक YouGov poll के मुताबिक करीब 50 प्रतिशत ब्रिटिश जनता इस तरह के प्रतिबंध का समर्थन कर रही है। हालांकि कैबिनेट कार्यालय का यह साफ कहना है कि किसी भी आपूर्तिकर्ता या कंपनी को बाहर करने का फैसला हर मामले को अलग से देखकर लिया जाता है और सरकार की तरफ से औपचारिक प्रतिबंध लगाए बिना इसका इस्तेमाल सिर्फ बहिष्कार के लिए नहीं किया जाना चाहिए। लेबर पार्टी के पूर्व नेता Jeremy Corbyn ने सरकार के इस रुख की कड़ी आलोचना करते हुए इन खुलासों को इस बात का पुख्ता सबूत बताया कि देश अप्रत्यक्ष रूप से रंगभेद का समर्थन कर रहा है।